मंझनपुर। इलाहाबाद कचहरी में अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या से उबले वकीलों की हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। कचहरी परिसर में हड़ताली अधिवक्ताओं ने बैठक करके डीएम और एसएसपी इलाहाबाद को बर्खास्त करने की हुंकार भरी। साथ ही अपने मृत साथी के परिजनों के लिए आर्थिक मदद जुटाने में भी लगे रहे। इस दौरान बृहस्पतिवार को ही छह हजार रुपये जमा किया गया। वहीं अध्यक्ष ने अन्य वकीलों से भी मदद को आगे आने का आह्वान किया। बैठक में शुक्रवार को इलाहाबाद में होने वाली प्रदेशस्तरीय अधिवक्ताओं की बैठक में भी शामिल होने का आह्वान वकील साथियों से किया गया।
इलाहाबाद कचहरी में दरोगा की गोली से हुई अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या से वकीलों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कौशाम्बी के अधिवक्ता तो घटना के दिन से ही न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करके हुंकार भर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी जिला मुख्यालय समेत जिले की तीनों तहसील के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वहीं जिला कचहरी परिसर में माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएसन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने बैठक भी की।
इसमें इलाहाबाद की घटना की निंदा करते हुए वकीलों ने शासन-प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। घटना को पुलिस की बर्बरता करार दिया। साथ ही हुंकार भरी कि जब तक पीड़ित अधिवक्ता परिवार को न्याय नहीं मिलता, इस घटना के संदर्भ में इलाहाबाद के वकीलों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता और इलाहाबाद के डीएम, एसएसपी की बर्खास्तगी नहीं होती। वकीलों का यह संघर्ष चलता रहेगा। वहीं बैठक में मृत साथी के परिवार को आर्थिक मदद के लिए अधिवक्ताओं ने मदद जुटानी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को ही बैठक के दौरान अधिवक्ता गोपालजी ने 5000 और टाइपिस्ट सरोज द्विवेदी ने 1000 रुपये की मदद की।
अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ल ने अन्य अधिवक्ता साथियों से भी मदद का आह्वान किया। वहीं बताया गया कि 20 मार्च को इस मुद्दे पर इलाहाबाद में वकीलों की प्रदेशस्तरीय बैठक होने जा रही है। इसमें कौशाम्बी के भी वकीलों से सहभागिता का आह्वान हुआ। इस मौके पर बार के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष देवशरण त्रिपाठी, मनुदेव त्रिपाठी, कुलदीप शुक्ला, अमित कुमार मिश्र, रामसूरत पांडेय, सुनील त्रिपाठी, रामकुशल त्रिपाठी, वेदप्रकाश मिश्र, राकेश जायसवाल, हरिशंकर पांडेय, शमशाद अहमद, इरशाद अहमद, मोहम्मद वसीम, वीरेंद्र मिश्र, कौशलेश द्विेदी, केके यादव, लक्ष्मी त्रिपाठी, शिवप्रसाद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।