सिल्ट से भरी माइनरों में पानी छोड़ दिए जाने से बृहस्पतिवार की रात कोरीपुर माइनर ओवरफ्लो हो गई। इससे गेंहू, चना, आलू, सरसों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। माइनर का पानी खेत, खलिहान के साथ ही रास्ते, स्कूल और कई लोगों के घरों तक पहुंच गया। खेत, खलिहान जलमग्न होने से दर्जनभर गांवों के सैकड़ों किसान परेशान हैं। फसलें सड़ने की आशंका से उनकी नींद उड़ी हुई है।
सरसवां ब्लाक क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए कोरीपुर माइनर है। यही माइनर बृहस्पतिवार की रात अचानक ओवरफ्लो हो गया। इससे कोरीपुर, टिकरी, सेंगरहा, कोल्हुआ आदि गांव के आसपास के हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गया। ओवरफ्लो हुई नहर का पानी कोरीपुर गांव के नेता तिवारी, अमृतलाल, लोकनाथ पांडेय, रामायन प्रसाद, गोकुल प्रसाद, फूलचंद्र, राजेश कुमार, रामसेवक, विजय कुमार, रविकरन, टिकरी गांव के सुरेंद्र सिंह, जीतेंद्र कुमार, अशोक कुमार, संतोष कुमारर, वीर बहादुर सिंह आदि के गेंहू, चना, आलू, सरसों आदि की फसलों में पानी भर गया।
खेतों में घुटने तक पानी भर गया है। इसके अलावा माइनर का पानी रास्ते के अलावा प्राथमिक स्कूल कोरीपुर के साथ ही गांव के लोकनाथ पांडेय, अमृतलाल आदि के घरों तक पहुंच गया। खेत, खलिहान, स्कूलों तक पानी भर जाने से गांवों में हड़कंप मच गया। खेतों में घुटने तक पानी भरे होने से किसान फसलों की सड़ने की आशंका से परेशान हैं। अन्नदाताओं का कहना है कि शिकायतों के बाद भी माइनर को शाम तक बंद नहीं किया गया था। इससे लगातार खेतों में पानी भर रहा है। इससे गेंहू समेत सभी फसलों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। मामले में एक्सईएन नहर विभाग आरके निरंजन ने बताया कि मंगलवार को ही कोरीपुर माइनर को बंद कर दिया गया था। गांव के लोगों ने खुद ही फाटक खोलकर अंधाधुंध पानी माइनर में छोड़ दिया है। जिसके कारण माइनर ओवरफ्लो हुई है।