कौशाम्बी में हफ्तेभर से घने कोहरे के साथ ठंड बढ़ने लगी है। दिनभर धुंध के कारण धूप चटख नहीं होने से ठिठुरन बनी हुई है। इसके कारण राहगीरों और आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गरीबों के लिए आग ठंड से बचने का सहारा बनी है। अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से शनिवार की सुबह मंझनपुर में ही लोग कागज, गत्ता जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।
कौशाम्बी में आठ दिन पहले अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। 6 दिसंबर की रात घने कोहरे की चादर तन गई। इसके बाद से रोजाना रात होते ही कोहरे की धुंध दोआबा में छा जाती है। कोहरे का यह असर दिन में करीब 11 बजे तक बना रहता है। इससे कारण रात और दिन में 11 बजे तक सड़कों पर वाहन रेंगते ही नजर आते हैं। इधर, कोहरे के बीच चली रही शीतलहरी से जनजीवन प्रभावित है। लगातार रात में पारा गिर रहा है। इससे लोग ठंड की चपेट में आने लगे हैं। गांवों में तो ठंड से खुद को बचाने के लिए गरीबों ने आग का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
वहीं ठंड, कोहरे का असर लगातार बने होने के बाद भी सुबह-शाम सार्वजनिक स्थानों पर अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण ठंड से बेहाल राहगीर चाय की दुकान पर भट्ठियों में हाथ सेंकने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं शनिवार को तो मंझनपुर ब्लाक में मतगणना एजेंट का पहचानपत्र बनवाने को आए तमाम लोग ठंड से कांपते दिखे। इस दौरानठिठुरन से बचने के लिए ब्लाक के समीप गत्ता, कागज, कचरा इकट्ठा करके आग जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। बता दें कि कौशाम्बी में आठ दिन से शुरू हुआ ठंड का असर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। फिर भी अब तक गरीबों को ठंड से बचाने का इंतजाम सिफर बना हुआ है। उधर, ठंड बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों के मुताबिक ठंड पड़ने से ही रबी की फसल, गेंहू, आलू की पैदावार अच्छी होगी।