हमलावर सपा नेता की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताली लेखपालों की मान-मनौव्वल का प्रशासनिक प्रयास शुक्रवार को विफल हो गया। लेखपालों ने मांग पूरी हुए बगैर कामकाज पर नहीं लौटने का दो टूक जबाव देकर धरनास्थल से एसडीएम को वापस कर दिया। वहीं तीनों तहसील में कामकाज बंद करके लेखपाल दिनभर हुंकार भरते रहे। लेखपालों की जिलेभर में चल रही इस हड़ताल से मंझनपुर समेत जिले की तीनों तहसील में कामकाज पूरी तरह से ठप है। लोग खतौनी आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। साथ ही राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
मंझनपुर के लेखपाल ओमप्रकाश गुप्ता पर 19 नवंबर की शाम तहसील में हमला हुआ था। मामले में सपा नेता शहीब हैदर उर्फ मीनू और उसके छोटे भाई को नामजद किया गया है। हमले के आरोपी सपा नेता की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई करते हुए मंझनपुर तहसील के लेखपाल 10 दिनों से हड़ताल पर हैं। दो दिनों से उनकी हड़ताल में सिराथू और चायल तहसील के भी राजस्वकर्मी शामिल हो गए हैं। लेखपाल शुक्रवार को भी तहसील के सभी कार्यालयों में ताला बंदी करके दिनभर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हुंकार भरते रहे।
इस दौरान मंझनपुर एसडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर लेखपालों से वार्ता करके उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन राजस्वकर्मियों ने मांगे पूरी होने के बाद ही आंदोलन खत्म करने का दो टूक जबाव देकर उन्हें वापस कर दिया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रोशनलाल यादव ने बताया कि सत्तापक्ष के नेता के दबाव में आकर पुलिस और अधिकारी कामकाज कर रहे हैं। यह ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी समेत सभी मांगे पूरी नहीं होती है, जिले का एक भी राजस्वकर्मी कोई कामकाज नहीं करेगा। उधर, तहसीलों में हड़ताल से आमजन भी परेशान होने लगे हैं।
शुक्रवार को ही मंझनपुर तहसील में लेखपालों की हड़ताल के कारण दीवार कोतारी गांव निवासी शिवरतन, रक्सौली गांव की देवरती देवी पत्नी बैजनाथ, बिदांव निवासी शिव मूरत, बाबू लाल, धनपरा निवासी राममूरत निवास प्रमाण पत्र के लिए परेशान रहे। शिवरतन ने बताया कि वह पांच दिनों से निवास प्रमाणपत्र के लिए तहसील का चक्कर लगा रहा है। हड़ताल के कारण लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने से उसका प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है।
लेखपालों से बात की गई है। उनकी सभी मांगों की रिपोर्ट डीएम को दी गई है। मतगणना के बाद लेखपालों की उचित मांगों को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम