पंचायत चुनाव के तहत प्रधान पद के होने वाले चुनाव को प्रशासन ने संवेदनशील गांवों की निगहबानी शुरू कर दी है। गांव-गांव अफसर बैठक करके हालात का जायजा लेने लगे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को एसडीएम चायल ने पुलिस अफसरों के साथ नेवादा ब्लाक के तीन संवेदनशील चिह्नित गांवों में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई।
प्रधान पद के लिए चार चरणों में चुनाव का कार्यक्रम जारी हो गया है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन ने संवेदन और अतिसंवेदनशील गांवों को चिह्नित करके वहां की निगहबानी शुरू कर दी है।
शुक्रवार को ही एसडीएम चायल ने सीओ और इलाकाई थानेदार के साथ नेवादा ब्लाक के घोसिया, खोंपा और सुरसेनी गांव में चौपाल लगाई। बैठक में प्रधान पद के संभावित दावेदारों के अलावा निवर्तमान, पूर्व प्रधान और गांववालों को भी इकट्ठा किया गया था। एसडीएम ग्रामीणों से उनकी निष्पक्ष चुनाव की राह में आने वाली दिक्कतों की बाबत पूछताछ की। वोटरलिस्ट की गड़बड़ी जानी। बैठक के दौरान घोसिया गांव के अलमान ने वोटरलिस्ट में करन चौराहे के ग्रामीणों का नाम चित्तापुर ग्रामसभा की सूची में दर्ज होने की शिकायत दर्ज कराई।
एसडीएम अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को आश्वस्त कराया कि चुनाव से पूर्व मतदाता सूची की सारी गड़बड़ी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों से दूर रहने, चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलानेवालों की जानकारी इलाकाई पुलिस और अफसरों तक पहुंचाने का आह्वान किया। मौके पर अशफाक अहमद, इमरान, कमलेश कुमार कुशवाहा, सुरेश कुमार सरोज, आसिफ, डब्लू आदि मौजूद रहे।