मंझनपुर (ब्यूरो)। साधन संपन्न काश्तकारों के नाम बीपीएल राशनकार्ड को लेकर बारातफारीक गांव के लोगों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोलते ही जिला आपूर्ति अधिकारी का घेराव किया। शिकायतीपत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
अनदेखी पर गांववालों ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के बारातफारीक गांव निवासी शिशुपाल, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, कुलदीप, रामराज आदि ने बताया कि उनके गांव में दर्जनों रसूखदार लोगों के बेटे, बहूओं के नाम बीपीएल राशनकार्ड बना दिया गया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को मिलने वाला यह राशनकार्ड ऐसे-ऐसे व्यक्तियों के नाम बनाया गया है, जिनके पास कई बीघा खेत, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, पक्का मकान है।
साधन संपन्न लोगों को बीपीएल श्रेणी का राशनकार्ड दे दिया गया है। जबकि गांव जबकि भूमिहीन, आवासहीन रोज मजदूरी करके जीविका चलाने वाले गरीबों के नाम अमीरों वाला राशनकार्ड बनाया गया है। आरोप है कि कई बार इसकी शिकायत भी बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक से की गई। पर, कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे परेशान गांववालों ने सोमवार को मंझनपुर आकर आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के सामने हुंकार भरी। डीएसओ को शिकायतीपत्र देकर गांव के राशनकार्डों का सत्यापन कराने, अमीरों के नाम बने बीपीएल कार्ड को निरस्त करके इसका लाभ भूमिहीन गरीबों को दिलाने की मांग की। अनदेखी पर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।