मंझनपुर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों को जल्द मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें मुआवजे दिए जाने के साथ ही किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किए जाने की भी मांग की गई है।
बता दें कि मार्च महीने में दो बार हुई बेमौसम भीषण बारिश और ओलावृष्टि से जिलेभर के किसान बर्बाद हुए हैं। उनकी गेहूं, अरहर, चना, मटर, सरसों आदि की ज्यादातर फसलें नष्ट हो गई हैं। मौसम की मार से बर्बाद किसानों को जल्द मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हुंकार भरी।
धरना-प्रदर्शन के साथ ही कांग्रेसी नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का सही तरीके से मूल्यांकन करके किसानों को जल्द इसका मुआवजा देने, पीड़ित किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने, खराब पड़े हैंडपंपों को तत्काल रिबोर कराने, समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कराकर अपात्रों के बजाय पात्रों को इसका लाभ दिए जाने, आलू भंडारण की समुचित व्यवस्था कराने, कौशाम्बी में रोस्टर मुताबिक बिजली सप्लाई दिए जाने की मांग की गई। साथ ही कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।
वहीं किसानों की अनदेखी पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष तलत अजीम, युगुल किशोर, लालचंद्र कुशवाहा, राजेंद्र त्रिपाठी, एहसान उस्मानी, सत्येंद्र प्रताप सिंह, मोहम्मद शाहिद सिद्दीकी, रंजीत यादव, रमाकांत,अमिता सिंह, कालिका सिंह, चंद्र नारायण त्रिपाठी, मोमिना बेगम, गुड्डू गौतम, विजमा केसरवानी, अर्चना देवी, राम अवतार गुप्ता, पताली मौर्य, जुबैर अहमद, बजरंग सिंह, मुमताज अहमद आदि मौजूद रहे।