सिराथू, भरवारी और मनौरी बाजार में बीच कस्बे रेलवे क्रासिंग होने के कारण जाम की समस्या नासूर बनी हुई है। वहीं दुकानदारों का सड़क पटरी पर कब्जा इस मुसीबत में और इजाफा करता है। जाम के कारण लोगों को कस्बे से निकलने में दिक्कतें होती हैं। शिकायत के बाद भी सड़क पटरी पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं चलने से लोगों में गुस्सा है। कौशाम्बी के तीन प्रमुख बाजार सिराथू, भरवारी और मनौरी से होकर हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग गुजरा है। देश के अतिव्यस्त रेलमार्गों में एक इस रेलवे लाइन से प्रत्येक आधे घंटे पर कोई न कोई ट्रेन अथवा मालगाड़ी निकलती रहती है। इस कारण कस्बे में रेलवे क्रासिंग का फाटक आधे-आधे घंटे में बंद होता रहता है। इससे क्रासिंग पर हरवक्त जाम की समस्या बनी रहती है। चायल तहसील के मनौरी बाजार में बना रेलवे फाटक तो लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है।
सड़क पटरी पर अतिक्रमण किए जाने और सड़क पर ही डग्गामार वाहनों को खड़ा कर सवारियों का इंतजार करने से यह मुसीबत और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक तरफ जहां रेल अफसरों की अनदेखी के कारण देर तक क्रासिंग का फाटक बंद रहता है वहीं स्थानीय अफसरों के ध्यान नहीं देने से सड़क पटरी पर भी कब्जा है। अतिक्रमण के कारण वाहनों को कस्बे से निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आए दिन कब्जेदारों और वाहन चालकों में तू-तू-मैं-मैं भी होती रहती है। बुधवार दोपहर भी देर तक क्रासिंग का फाटक बंद होने से चायल-चरवा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी दिखी। जाम में फंसे लोग अफसरों को ही कोसते रहे। मनौरी बाजार के अनिल कुमार, मनोज कुमार, मोहम्मद अफरोज, रामभवन आदि ने बताया कि कई बार एसडीएम और सीओ को प्रार्थनापत्र देकर सड़क पटरी पर हुए अतिक्रमण को हटवाने की मांग भी की गई। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर सड़क पटरी को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका है।