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हवन, कन्याभोज के साथ शारदीय नवरात्र का समापन

Wed, 21 Oct 2015 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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पूजा, हवन और कन्याभोज के साथ बुधवार को शारदीय नवरात्र का समापन हो गया। एक ही दिन अष्टमी और नवमी तिथि होने के कारण पूजा पंडालों और मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। शीतलाधाम कड़ा समेत सभी मंदिरों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। भोर से शुरू हुआ मैया का जयकारा दिनभर चलता रहा। वहीं उपासकों ने जहां घरों में मां स्वरूपा कन्याओं की पूजा की, उन्हें पूड़ी-हलवा खिलाकर अपने व्रत का पारण किया। पूजा पंडालों में भी दिनभर कन्याभोज का दौर चलता रहा।
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मां भगवती की पूजा का नौ दिनी पर्व बुधवार को सिद्धिदात्री की पूजा, हवन और कन्याभोज के साथ समाप्त हो गया। नवरात्र के आखिरी दिन अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ने से पूजा पंडालों और मंदिरों में दर्शन, पूजन, हवन को भारी भीड़ देखने को मिली। शक्तिपीठ मां शीतला के दरबार में तो बुधवार को देवी दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब सा उमड़ा नजर आया। माता की भक्ति का कुछ ऐसा ही दृश्य दुर्गामंदिर मंझनपुर और पूरबशरीरा की झारखंडी मंदिर में भी देखने को मिला।

 मंदिर परिसर में बने हवनकुंड में आहुति डालने को सुबह से ही मारामारी होती दिखी। मंगलमंत्रों के बीच घी और हवन सामाग्री की आहुति डालकर भक्तों ने नौ दिनों की अपनी पूजा का समापन किया। वहीं मां की भक्ति में नौ दिनों तक व्रत रखने वाले उपासकों ने भी घरों में विधि-विधान से मां जगदंबे की आरती की। हवन के साथ कन्याभोज कराकर अपने व्रत का पारण किया। वहीं मंझनपुर, भरवारी, पइंसा, सिराथू, कड़ा, देवीगंज, मूरतगंज, करारी, सरायअकिल, चरवा, पुरामुफ्ती, मनौरी, चायल, तिल्हापुर, बिजिया, पश्चिमशरीरा, टेंवा आदि स्थानों पर सजे पूजा पंडालों में भी दिनभर कन्याभोज, भजन-कीर्तन चलता रहा।
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