करारी कस्बे में पेयजल की आपूर्ति किसी भी रोज ठप हो सकती है। जलस्तर घट जाने के कारण पानी टंकी में लगे नलकूप ने जवाब देना शुरू कर दिया है। इंजीनियर रिबोर के विकल्प को भी अब संभव नहीं बता रहे हैं। इसे लेकर नगर प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। वहीं, पर्याप्त पानी नहीं मिलने से कस्बाई भी परेशान हैं।
बता दें कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के मद्देनजर करारी कस्बे में वर्ष 1992 में आठ लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी बनवाई गई थी। निर्माण के 12 साल बाद वर्ष 2004 से इसमें खराबी आने लगी। वहीं जलस्तर नीचे जाने से नलकूप भी दगा देने लगा है। इससे पेयजल आपूर्ति में नगर प्रशासन को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। टंकी और उसके नलकूप के बोर को बार-बार दुरुस्त कराकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। ईओ ने बताया कि दो साल पहले ही दोबारा रिबोर कराकर पाइप को 70 से बढ़ाकर 100 फीट नीचे कर दिया गया है। इसके बाद भी समस्या बनी हुई है। मुश्किल से किसी तरह टंकी में पानी भर पाता है।
इस दौरान भी आधे कस्बे में ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है। कृष्णनगर, अशोक नगर, इंद्रानगर, सोनारनटोला समेत कई मोहल्लों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाने के कारण लोग परेशान हैं। नगर अध्यक्ष मौला बख्श ने बताया कि इंजीनियरों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया है कि अब पाइप और नीचे जाने की गुंजाइश नहीं है। दूसरा बोर ही कराना पड़ेगा। जैसे तैसे किसी तरह काम चलाया जा रहा है। अध्यक्ष की मानें तो दूसरा बोर कराने और टंकी नई बनवाने के लिए वह वर्ष 2012 से अब तक कई बार शासन और जलनिगम के अधिकारियों को पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।