चरवा के हौसी गांव के एक युवक की संदिग्धदशा में मौत हो गई। बुधवार की सुबह घर से करीब मील भर दूर उसकी क्षत-विक्षत लाश रेलवे पटरी पर मिली। गुस्से में आकर युवक द्वारा ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी करने की चर्चा गांववालों में है। हालांकि इस मामले में परिजन कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चरवा थाना क्षेत्र के हौसी गांव निवासी गोकुल प्रसाद किसान हैं। उसका 18 वर्षीय बेटा मंजीत स्थानीय एक इंटरकालेज में 12 वीं क्लास का छात्र था। घरवाले बताते हैं कि मंगलवार की रात करीब 8 बजे उसने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर खाना खाया था। इसके बाद वह पढ़ने बैठ गया था। रात करीब 10 बजे तक परिवार के लोग जाग रहे थे, तब तक वह बैठकर पढ़ ही रहा था।
सुबह पर परिजन सोकर उठे, तो मंजीत अपने बिस्तर पर नहीं था। पहले तो घरवालों ने यह सोचकर उसे नहीं खोजा कि वह खेत की ओर दैनिक क्रिया आदि के लिए गया होगा। पर, जब देर तक वह नहीं दिखा, तो घरवाले उसकी तलाश में जुटे। इसी दौरान पता चला कि करीब मीलभर दूर रहीमाबाद (कोखराज) के समीप रेलपटरी पर एक लड़के की क्षत-विक्षत लाश पड़ी है। आशंकावश परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे, तो शव मंजीत का ही था। यह देखकर घरवालों के होश उड़ गए। शव देखते ही पिता और परिवार के अन्य सदस्य बिलखने लगे। गांववालों में चर्चा है कि किन्ही कारणों से मंजीत ने रात में ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी की है। मगर परिवार के लोग इस मसले पर कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। पिता और भाई आदि का कहना है कि ऐसी कोई बात ही नहीं थी, जिसके कारण मंजीत अपनी जान देता। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।