विद्युत विभाग द्वारा 33 हजार की लाइन में 66 हजार का लोड दिए जाने से 24 घंटे भी सप्लाई सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। रविवार की रात फिर फाल्ट हो जाने से सप्लाई ठप हो गई। विभाग अपनी करतूत को छिपाने के लिए दो फेस सप्लाई दे दी, जिससे क्षेत्र में बिजली के साथ पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
विद्युत विभाग की दोमुंही रीति के चलते सिराथू क्षेत्र की आधी आबादी में बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र में बिजली का संकट पैदा होने के लिए विभाग द्वारा सैनी जाने वाली 33 हजार की लाइन में अजुहा सब स्टेशन को जोड़ 66 हजार को लोड दिए जाना मुख्य वजह माना जा रहा है। विभागीय जानकाराें का कहना है कि अधिकारियों के दबाव में 66 हजार को लोड तो दे दिया गया है। मगर, सच यह है कि कम क्षमता की केबिल पर दोहरा भार दिए जाने से 24 घंटे भी लोड सहन नहीं कर पा रही है।
यही कारण है कि रोजना फाल्ट की शिकायत पैदा हो गई है। शनिवार के बाद रविवार की रात को भी फाल्ट होने से सिराथू क्षेत्र की आधी आबादी में यानी 150 गांवों को दो फेज की सप्लाई दी गई। दो फेस सप्लाई दिए जाने से क्षेत्र के तकरीबन दो हजार ट्यूबवेल सवा सौ आटा चक्की ठप रही। ग्रामीणों का कहना है कि पैदा हुए बिजली संकट से सपा सरकार के प्रति आम जनता में आक्रोश पैदा हो रहा है। बताते हैं कि लगातार दो दिन से क्षेत्र के सैनी, अजुहा, दारानगर, कमासिन, शहजादपुर में स्थापित जल निगम की सप्लाई भी ठप रही। ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते रहे। सबसे अहम बात यह भी रही कि फाल्ट होने के बाद भी क्षेत्र का लाइनमैन फाल्ट ठीक करने के लिए नहीं आया। इसलिए मंगलवार को दिन दो घंटे की ही दो फेस सप्लाई उपभोक्ताओं को मिली।