कस्बे के कोटेदारों ने राशन कार्ड बनवाने में जमकर खेल किया है। दो हजार एपीएल, कार्ड फर्जी नाम, पते पर बनवा लिए हैं। इसके हिस्से का राशन, तेल वह बेच रहे हैं। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को तब हुआ जब ईओ की जांच के बाद नगर अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से शिकायत कर दी। पर्दाफाश होने के बाद से आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों और कोटेदारों के होश उड़े हुए हैं। डीएसओ ने जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि अभी हाल ही में जिले की नगर पंचायतों और ग्राम सभाओं में रहने वाले नागरिकों को नए राशन कार्ड दिए गए हैं। राशन कार्ड बनाने के लिए पात्रों की सूची देने का जिम्मा कोटेदारों को दिया गया था। नगर अध्यक्ष मौला बख्श की मानें तो कस्बे के कोटेदारों ने लगभग 23 सौ एपीएल कार्ड फर्जी बनवा लिए हैं। सभी कार्ड इन लोगों ने अपने पास रखे हैं। इसके हिस्से का राशन और तेल ब्लैक कर लेते हैं। इसकी वजह से नगर के लोग परेशान हैं। उन्हें राशन, तेल नहीं मिल पा रहा है। कार्ड के बारे में पूछने पर कोटेदार कोई न कोई बहाना बताकर लोगों को टाल देते हैं। इसे लेकर कस्बाइयों में गुस्सा है।
चेयरमैन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ईओ लालचंद्र यादव ने राशन कार्डों का सत्यापन किया तो कोटेदारों की इस मनमानी का पर्दाफाश हुआ। इसके बाद डीएम से शिकायत की गई। नगर अध्यक्ष द्वारा शिकायत किए जाने की भनक लगते ही खेल में शामिल पूर्ति कार्यालय के कर्मचारी तो हैरान परेशान हो ही गए हैं। कोटेदारों की भी नींद उड़ गई है। सबको कार्रवाई का खौफ सता रहा है। मामले में जिला पूर्ति अधिकारी अखिल कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए गए तो निश्चित तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।