परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दूध दिए जाने की योजना शिक्षकों को तनिक भी रास नहीं आ रही है। बुधवार को जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों ने संगठन के बैनर तले दूध वितरण का को निजी संस्था के हाथों में देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। चेताया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने मध्यान्ह भोजन योजना में भारी फेरबदल किया है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बुधवार के दिन अब कोफ्ता चावल और दूध भी दिया जाता है। इसके लिए पर्याप्त बजट की व्यवस्था नहीं की गई है। बुधवार को उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले अध्यापकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें प्रमुख रुप से दूध वितरण की व्यवस्था निजी संस्था के हाथों में देने की मांग की गई। चेताया कि मांग पूरी नहीं की गई तो नौ सितम्बर को दूध वितरण का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 23 सितम्बर से आंदोलन होगा। इस मौके पर अजय कुमार पांडेय, वेसाल अहमद, विनोद श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार, रोशनलाल, कृष्णकांत, नीलिमा श्रीवास्तव, भारत सिंह, चैतूलाल आदि मौजूद रहे।