चरवा बिजली उपकेन्द्र से जुड़े 250 गांवों में 48 घंटे से ब्लैकआउट है। गांव में बिजली पानी का हाहाकार मचा हुआ है। उपकेन्द्र में बिजली सप्लाई को लगा पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से बडी समस्या खडी हो गई है। लोग आस-पास लगे हैंडपंपों पर लाइन लगाकर पानी भरने को मजबूर है। अवर अभियंता का कहना है कि फीडरों में ओवरलोड के चलते उपकेन्द्र का ट्रांसफार्मर फुंका है। इसे बदलने में दो-तीन का समय लग सकता है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द की बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाए।
चरवा बिजली उपकेन्द्र के चरवा, काजू और टाटा फीडर से गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इन फीड़रों से जुडे चरवा, काजू, बलीपुरटाटा, हौसीपर, धमसेढ़ा, कलापत का पुरवा सझियापर, अयोध्याकापुरवा, पहाड़पुर समेत करीब 250 गांवों की 48 घंटे से बिजली गुल है। उपकेन्द्र में बिजली सप्लाई के लिए लगा पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर सोमवार की सुबह बिजली आपूर्ति के दौरान अचानक धड़ाम होने से यह समस्या खड़ी हुई है। क्षेत्र के रहने वाले रामजी, अशोक कुमार, सुग्गन लाल, धुन्नू लाल, बनवारी आदि ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने से जहां लोगों के निजी नलकूप ठप पड़े है वहीं गांव में बिजली-पानी का हाहाकार मचा हुआ है।
लोग घरों के आस-पास लगे हैंडपंपों पर दिनभर पानी के लिए लाइन लगाकर खड़े रहते है। बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से धान की रोपी गई फसल पानी के आभाव में चौपट होने के कगार पर पहुंच रही है। ऐसे में लोगों के लिए ढिबरी और लानटेन अंधेरे का सहारा बन रही है। मामले में अवर अभियंता डीके तिवारी ने बताया कि ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फुंका है। इसकी जानकारी विभागीय अच्चाधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल बिजली व्यवस्था बहाल कराने में अभी दो-तीन का समय लग सकता है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाए। वहीं बिजली आपूर्ति ठप से गांव और कस्बे के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का कहना है कि एक दो-दिन में यदि बिजली आपूर्ति बहाल नहीं कराई गई तो बाल्टी-डिब्बा लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होगें।