विभिन्न मांगों को लेकर दोआबा के बैंकों और बीमा कंपनियों के कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। इस वजह से लगभग दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। उपभोक्ताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रुपये निकालने का इकलौता सहारा बची एटीएम भी पूरे दिन बंद ही रहीं। ऐसे में और भी ज्यादा दिक्कत हुई।
बता दें कि वेतन बढ़ोतरी, प्राइवेट हाथों में सिक्योरिटी नहीं देने और वेंडर से काम नहीं कराने की मांग को लेकर बुधवार को बैंकों और बीमा कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अभाव में लेन देन करने के लिए तमाम उपभोक्ता बैंक शाखाओं तक पहुंच गए। बैंकों में बंदी का कारण बताने के लिए कोई गार्ड तक मौजूद नहीं था। ऐसे में काफी देर बाद उपभोक्ताओं को हड़ताल की जानकारी हो सकी। इसके बाद वे बैरंग वापस हो गए। यही हाल बीमा कंपनियों के दफ्तरों का भी रहा। एलडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि कौशाम्बी जिले में सभी बैंकों की कुल 118 शाखाएं हैं। बीमा कंपनियों के भी लगभग दर्जन भर कार्यालय हैं। लेन देन नहीं होने के कारण दस करोड़ रुपये के आसपास का कारोबार प्रभावित हुआ।