बीएड की फर्जी डिग्री बेचने वाले पश्चिम बंगाल के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पिपरी पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बंगाल के करीब 260 छात्रों से 70-70 हजार रुपये लेकर उन्हें कौशाम्बी में परीक्षा दिलाने के बहाने लेकर आए थे। पिपरी के कसेंदा स्थित एक इंटर कॉलेज को फर्जी परीक्षा केन्द्र बनाया गया। प्रवेश पत्र नहीं मिलने से खफा छात्रों के हंगामा करने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पकड़े गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक गिरोह ने वहीं के रहने वाले सुजीत घोष, करीना परवीन, नमिता, नित्मोफा खातून, गुलाब यदुदानी, सौरभ वर्मन, संजीत वर्मन, अनूप कुमार, सूली नाइकी और तबस मंडल समेत करीब 260 लोगों से बीएड की डिग्री दिलाने के नाम पर 70-70 हजार रुपये लिए थे। छात्रों ने बताया कि गिरोह के सदस्य कई बसों से उन्हें साथ लेकर मंगलवार को इलाहाबाद से परीक्षा केन्द्र लेकर आए थे। मंगलवार सुबह परीक्षा केन्द्र पहुंचे छात्रों से बगैर प्रवेश पत्र के ही परीक्षा देने को कहा गया। इस पर फर्जीवाड़े की आशंका पर छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो शिक्षा माफियाओं के होश उड़ गए।
पुलिस शिक्षा माफियाओं समेत छात्रों को भी थाने ले गई। एसओ विनोद यादव ने बताया कि कॉलेज के प्रबंधक, सुमन विश्वास निवासी सियालदा, सुरजीत जाना निवासी कुरुलिया, देवाशीष पात्रा निवासी पश्चिमी मिदनीपुर, सुशोभन प्रधान निवासी राउरकेला, सुरजीत मंडल निवासी चौबीस परगना और अमिताभ चक्रवर्ती निवासी पूर्वी मिदनीपुर पश्चिम बंगाल आदि को गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षा माफियाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने छात्रों का दाखिला ही नहीं कराया है। विद्यार्थियों को संतुष्ट करने के लिए कसेंदा के एक कॉलेज में उन्हें फर्जी परीक्षा दिलानी थी। इसके बाद सभी को फर्जी मार्कशीट देने की योजना थी। पुलिस ने पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ छात्रों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी ओपी पांडेय ने बताया कि गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरोह के सरगना को भी दबोच लिया जाएगा।