हादसे में घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाते लोग।
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शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को सयारा ओवरब्रिज के पास श्रद्धालुओं से भरे ऑटो और सामने से आ रहे ई-रिक्शा लोडर की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों वाहनों में सवार करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्राम प्रधान ने अपने वाहनों से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। घायलों में दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सेलरहा पश्चिम गांव निवासी सुनीता देवी, दिव्या देवी, आशा देवी और बच्ची शिवानी रविवार को गंगा स्नान के लिए कड़ाधाम स्थित कुबरी घाट गई थीं। इसके लिए उन्होंने धर्मुहपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह का ऑटो बुक किया था। गंगा स्नान और मां शीतला के दर्शन करने के बाद सभी घर लौट रहे थे। रास्ते में कमासिन के पास चालक ने मक्खन और उनकी पत्नी अनीता देवी को भी ऑटो में बैठा लिया।
बताया जाता है कि सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे सयारा ओवरब्रिज के पास सामने से आ रहे ई-रिक्शा लोडर ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। लोडर में भी कुछ महिलाएं सवार थीं। भिड़ंत में दोनों वाहनों के यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना पर सिराथू चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं, हादसे की जानकारी मिलने पर सेलरहा पश्चिम गांव के ग्राम प्रधान लवलेश यादव भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घायलों की हालत देखते हुए उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपने वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पुलिस ने भी सरकारी जीप से घायलों को मंझनपुर स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घायलों को अस्पताल पहुंचा दिए जाने के बाद भी घटनास्थल पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। वहीं, संकट की घड़ी में घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधान लवलेश यादव और सिराथू चौकी प्रभारी की स्थानीय लोगों ने सराहना की।