कांवड़ लेकर पैदल जाते कमल आर्य। संवाद
गोमाता के सम्मान और संरक्षण की बातें भले ही खूब की जाती हों, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी चिंताजनक है।
ऐसे समय में हरियाणा के पानीपत निवासी कमल आर्य ने गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का संकल्प लेकर हरिद्वार से काशी विश्वनाथ तक लगभग एक हजार किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की है।
सोमवार को नेशनल हाईवे से पदयात्रा के साथ आगे बढ़ते हुए कमल आर्य अटसरॉय गांव में रुके। उन्होंने बताया कि समाज में गोमाता की स्थिति देखकर उनके मन में यह विचार आया कि जब गाय भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन का आधार है, तो उसे राष्ट्र माता का सम्मान क्यों न मिले। इसी भावना ने उन्हें यह कठिन संकल्प उठाने की प्रेरणा दी।