आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों के बीच भारत ने रक्षा क्षेत्र में अपनी स्वदेशी ताकत का प्रदर्शन करते हुए नार्थ टेक सिंपोजियम में ‘काल’ लोइटरिंग मूनिशन (आत्मघाती ड्रोन) को पेश किया है। सीमा पार दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त करने में सक्षम इस ड्रोन को सैन्य अभियानों के लिए बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है। 1,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला यह ड्रोन हवा में सात से आठ घंटे तक मंडराकर अपने लक्ष्य पर निशाना साध सकता है। आइजी डिफेंस के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट रिटायर्ड मेजर जनरल आरसी पाढ़ी के अनुसार, यह ड्रोन ईडब्ल्यू-हार्डेंट तकनीक से लैस है, जिस पर दुश्मन के जैमर बेअसर साबित होंगे। 50 किलोग्राम के शक्तिशाली वारहेड के साथ यह 20 डिग्री सेल्सियस से लेकर 60 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में भी सटीक हमला करने में सक्षम है। इसमें लगे फोर के यूएचडी कैमरे और थर्मल विजन की मदद से घने अंधेरे में भी दुश्मन के बुनियादी ढांचे को तबाह किया जा सकता है। अपनी डीप-पेनिट्रेशन तकनीक के चलते ‘काल’ भारतीय सेना के लिए एक अचूक हथियार बनकर उभरा है। ब्यूरो