फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्रकार हत्याकांड: आईपीएल की सट्टेबाजी से जुड़े हो सकते हैं तार

विज्ञापन
Journalist massacre: wires may be related to IPL betting - फोटो : KAUSHAMBI
विज्ञापन
पूरामुफ्ती इलाके के चर्चित पत्रकार हत्याकांड मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लग गए हैं। एक ऐसी कॉल रिकार्डिंग पुलिस को मिली है, जिसमें आईपीएल की सट्टेबाजी को लेकर लेनदेन की काफी तल्ख बातचीत हो रही है। शक के आधार पर पुलिस ने चार-पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना को लेकर जिले भर के पत्रकारों में जबर्दस्त रोष है।
विज्ञापन

पूरामुफ्ती के मलाक मोहिउद्दीनपुर निवासी फराज असलम एक हिंदी दैनिक के पत्रकार थे। बुधवार को पैगम्बरपुर गांव के समीप दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। सनसनीखेज घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस ने मृतक समेत कई अन्य लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं।
कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। दिवंगत पत्रकार के मोबाइल में पुलिस को एक ऐसी रिकार्डिंग मिली है, जिसमें आईपीएल के सट्टे को लेकर लेनदेन की किसी से बात हो रही है। बताया जा रहा है कि दोनों लोग तल्ख लहजे में बा कर रहे हैं। अब पुलिस रिकार्डिंग के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर बात किससे हो रही थी? जल्द ही उसे भी हिरासत में लिया जाएगा। शक के आधार पर पकड़े गए लोगों से अब तक की गई पूछताछ में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार में अभी कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन

इसलिए स्वजनों से पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस परिवारीजनों की हालत कुछ सामान्य होते ही वार्ता कर कई बिंदुओं पर पूछताछ कर जानकारी जुटाएगी। इधर, घटना को लेकर आक्रोशित पत्रकारों ने बृहस्पतिवा को प्रेस क्लब अध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा व महामंत्री विमलेश शुक्ला की अगुवाई में एसपी को ज्ञापन सौंपा। इसमें पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा, सभी पत्रकारों को शस्त्र लाइसेंस, पत्रकारों के खिलाफ केस दर्ज करने से पहले निष्पक्ष जांच, फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग की गई है। एसपी अभिनंदन ने सभी मांगें पूरी करने का भरोसा दिया है।
चायल में पत्रकारों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
पत्रकार हत्याकांड से नाराज चायल के पत्रकारों ने बृहस्पतिवार को स्थानीय तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। तहसील प्रेस क्लब और विश्व पत्रकार महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। क्लब के अध्यक्ष सईदुर्रहमान मुन्ने ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 लाख रुपये सहायता राशि तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस मौके पर प्रदीप कुशवाहा, शब्बर अली, काजी असद, विनोद सिंह, अनूप मिश्रा, त्रिभुवन लाल, धीरज पाठक, फैजी जाफरी, डा. खालिद, घनश्याम, अनिरुद्ध उपाध्याय, अरुण मिश्रा, शिवसागर मौर्या, अरविंद शुक्ला, अनूप केसरवानी, शिवराज यादव, धनंजय सिंह, लवकुश यादव, राजेश कुमार, मिश्री लाल, शिवमोहन, परवेज आलम, सचिन दिवाकर, अमर सिंह, आलोक यादव, उमेश मिश्रा, पवन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
दूसरा मोबाइल अभी नहीं लग सका हाथ
मंझनपुर। एएसपी समर बहादुर ने बताया कि दिवंगत पत्रकार के पास दो मोबाइल फोन थे। इसमें से एक तो मिल गया है लेकिन, दूसरा अभी परिजनों के पास ही है। परिवार वालों से उनकी हालत सामान्य होने के बाद यह मोबाइल भी मांगा जाएगा। फिर इसके नंबर की कॉल डिटेल, रिकार्डिंग आदि देखी जाएगी।
घटना का खुलासा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। परिजनों की हालत थोड़ी सामान्य हो तो उनसे पूछताछ की जाए। एक रिकार्डिंग मिली है, जिसमें कई तथ्य सामने आए हैं। जल्द ही वर्कआउट कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

समर बहादुर-एएसपी

Journalist massacre: wires may be related to IPL betting- फोटो : KAUSHAMBI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें