मिनी सदन की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा किया। सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्य की पिटाई का मुद्दा उठाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। एसपी ने सदस्य को पिटने वाले सिपाही को सस्पेंड किया तो सदस्य बैठक में शामिल हुए। बैठक की शुरुआत पिछली कार्रवाई की पुष्टि के साथ हुई। बैठक में सीडीओ ने अनुपस्थित विभागाध्यक्षों का एक दिन वेतन काटने का निर्देश तो प्रतिनिधि भेजने वाले अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
मिनी सदन की बैठक शनिवार को रत्नावली सभागार में हुई। बैठक में वार्ड नंबर पांच के जिला पंचायत सदस्य मिठाई लाल सरोज की पिटाई का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने चरवा में तैनात सिपाही जेपी यादव पर आरोप लगाया कि शुक्रवार को लाइन में लगे सदस्य से अभद्रता की थी। इसलिए सिपाही को सस्पेंड किया जाए। सदस्यों ने इसे गंभीर मुद्दा बना दिया था। सदस्यों की नाराजगी को भांपते हुए विधायक वाचस्पति ने एसपी वीके मिश्र से बातचीत की। इसके बाद विधायक ने आश्वासन दिया कि सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद सदन की कार्रवाई शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता मधुपति अध्यक्ष जिला पंचायत ने की।
बैठक की शुरुआत करते हुए अपर मुख्य अधिकारी एल एन खरे ने पिछली कार्रवाई को सदन में सुनाया तो सभी सदस्यों ने इसकी पुष्टि की। बैठक के दौरान अपर मुख्य अधिकारी गांवों और कस्बों में बनने वाले निजी और व्यवसायिक भवनों में वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम लागू कराने की बात प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि जिले के छह ब्लॉक डार्क जोन में हैं। ऐसे में जल संचयन ओर रिचार्जिंग सिस्टम घर-घर लागू किए बगैर इससे उबर पाना सम्भव नहीं है।
इस पर उन्होंने बाइलॉज बनाए जाने का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा तो सभी सदस्यों ने हरी झडी दे दी। बैठक में जिला पंचायत से संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक होनी थी जो सांसद के कहीं चले जाने से स्थगित कर दी गई। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश सिंह ने बैठक से गायब रहे डीआईओएस, कृषि अधिकारी समेत आधा दर्जन विभागाध्यक्षों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश देते हुए प्रतिनिधि भेजने अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। बैठक में विधायक सिराथू वाचस्पति के अलावा मिनी सदन के सभी सदस्य, ब्लॉक प्रमुखगण के अलावा तमाम विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक न होने से गदगद रहे विभागाध्यक्ष
शनिवार को हुई मिनी सदन की बैठक में कई विभागों के कार्यों की समीक्षा होनी थी। इसमें स्वास्थ्य, जलनिगम, कृषि, जिला बेसिक शिक्षा, सहकारिता, समाज कल्याण, ग्रामीण अभियंत्रण, उद्यान, पंचायतीराज सहित 31 विभाग शामिल हैं। सांसद विनोद सोनकर के किसी जरूरी मीटिंग में चले जाने के कारण एक भी विभाग के कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। समीक्षा बैठक न होने से विभागाध्यक्ष जवाब देने से बच गए। इसे लेकर संबंधित विभागाध्यक्ष गदगद नजर आए।
मिनी सदन के लिए आज भी ओपी आर्य हैं सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी रहे ओम प्रकाश आर्य का स्थानांतरण जिले से महीनों पहले हो चुका है। उनके स्थान पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने अगस्त महीने में आकर कार्यभार सम्भाला है। बावजूद इसके जिला पंचायत के जिम्मेदारों की नजर में ओम प्रकाश आर्य ही मुख्य विकास अधिकारी हैं।
शनिवार को हुई मिनी सदन की बैठक घंटों चली पर किसी ने कार्रवाई नोट्स में छपे सीडीओ के गलत नाम पर नजर नहीं डाली। पूर्व सीडीओ के स्थानांतरण के बाद हुई सभी बैठकों में यही नाम छपता चला आ रहा है। इससे साफ है कि मिनी सदन की बैठक महज कोरम पूरा करने तक ही सिमट कर रह गई है। इस लापरवाही से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिनी सदन की बैठक को लेकर जिला पंचायत के जिम्मेदार, सदस्यगण कितने संजीदा रहते हैं।
हैंडपंप व सौर ऊर्जा के लिए सांसद ने मांगा प्रस्ताव
मिनी सदन की बैठक में शामिल होने आए सांसद विनोद सोनकर ने सभी जिला पंचायत सदस्यों और ब्लॉक प्रमुखों से दो-दो हैंडपम्प व एक-एक सौर ऊर्जा लगवाए जाने के लिए प्रस्ताव मांगा। उन्होंने कहा कि सदन के सदस्यों के प्रस्ताव पर उनके द्वारा हैंडपंप और सौर ऊर्जा लगवाई जानी है। सांसद द्वारा प्रस्ताव मांगे जाने के बाद संबंधित सदस्यों ने इसकी कवायद शुरू कर दी है।