भरवारी रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात करीब आठ बजे चौरीचौरा ट्रेन के आने से पहले गजब हो गया। मामूली बात को लेकर प्रभारी स्टेशन मास्टर व पीडब्ल्यूवाई के जेई के बीच कहासुनी हो गई। बात इस कदर बिगड़ी की इनके बीच हुई गाली-गलौज माइक पर गूंजने लगा। यात्री भी हैरान रह गए। इससे नाराज रेल कर्मियों ने आउटर में खड़ी चौरीचौरा को सिग्नल भी नहीं दिया। कहा जा रहा है कि ट्रेन आधा घंटा लेट थी लेकिन प्रभारी स्टेशन मास्टर का कहना है कि ट्रेन को समय से छोड़ा गया है।
भरवारी रेलवे स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर छोटेलाल यादव बुधवार को प्रभारी स्टेशन मास्टर थे। रात करीब आठ बजे चौरीचौरा के आने की सूचना मिली। 8:15 पर कानपुर से गोरखपुर को जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस को भरवारी स्टेशन पहुंचना था। इसके पहले प्रभारी स्टेशन मास्टर छोटेलाल यादव का पीडब्ल्यूवाई के जेई वसीम अहमद से विवाद हो गया। बात इस कदर बिगड़ी की दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गया। एलाउंस मेंट का माइक ऑन था। गाली-गलौज स्टेशन के हार्न से गूंजने लगा तो यात्री हैरान रह गए।
सभी लोग भागकर स्टेशन मास्टर कक्ष के समीप पहुंच गए। दोनों आपस में मारपीट पर आमादा थे। किसी तरह लोगों ने मामला शांत कराया। आउटर पर खड़ी चौरीचौरा एक्सप्रेस को लगभग आधा घंटा बाद सिग्नल देकर स्टेशन बुलाया गया। करीब 8: 43 बजे ट्रेन रवाना हुई। ट्रेन जाने के बाद भी प्रभारी व जेई के बीच कहासुनी होती रही। मामले में प्रभारी स्टेशन मास्टर छोटेलाल यादव का कहना है कि जेई ने उनके साथ बदसलूकी की थी। कोई भी ट्रेन लेट नहीं हुई है। सभी ट्रेनें समय से रवाना हुई हैं। अफवाह फैलाकर उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। प्रभारी ने यह भी आरोप लगाया कि रात नौ बजे के बाद भी प्लेटफार्म नंबर दो से जेई उनको गाली बक रहा था। जेई का कहना है कि उनके साथ प्रभारी ने गलत व्यवहार किया है। उनके ऊपर निराधार आरोप लगा रहे हैं।
प्रभारी स्टेशन मास्टर छोटेलाल यादव व जेई वसीम अहमद के बीच हुए विवाद की वजह लगेज में आई किताब बताई जा रही है। किताब का यह मसला क्या है, इसको लेकर दोनों ने चुप्पी साध रखी है। बस एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगा रहे हैं। वहीं रेल कर्मियों का कहना है कि लगेज में आने वाली किताबों की खेप पहुंचाने को लेकर झगड़ा हुआ है। हालांकि मामले में दोनों लोगों ने कुछ कहने से इंकार कर दिया।