उनकी बातें सुनकर हैरत में पड़े मनोज ने खुद को किसी तरह संयत किया। फिर, मिन्नत की तो लाइनमैन ने जेई को 10 हजार रुपये रिश्वत देकर नए सिरे से कनेक्शन दिलाने की बात कही। पीड़ित पूर्व प्रधान मनोज ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन प्रयागराज के अफसरों से की।
ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक अंजली यादव ने इसे गंभीरता से लिया और शुक्रवार की दोपहर करीब पौने दोे बजे टीम के साथ आमजन बनकर पश्चिमशरीरा उपकेंद्र पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि मनोज कुमार ने एक कमरे में लाइनमैन मंजीत के हाथों 10 हजार रुपये जेई आकाश सिंह को दिलवाए। इस बीच उन्होंने टीम में शामिल निरीक्षक राकेश बहादुर सिंह, एक उपनिरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी व पांच आरक्षी के साथ जेई व लाइनमैन को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया। दोनों को मंझनपुर कोतवाली लाया गया।
मंझनपुर के प्रभारी निरीक्षक संजय तिवारी ने बताया कि निरीक्षक अंजली यादव की तहरीर पर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।