आईटीआई मंझनपुर में अनुसूचित जाति की छात्रा के साथ छेड़खानी और जाति सूचक शब्दों के प्रयोग के साथ परीक्षा के वंचित करने के प्रकरण की सोमवार को फिर से जांच हुई। मिर्जापुर जेडी राम प्रसाद संस्थान पहुंचे। उन्होंने पीड़ित छात्रा को भी कॉलेज बुलाया। लेकिन, उसने बिना लिखित सूचना के कॉलेज आने से इन्कार कर दिया। इसके बाद जेडी आरोपित शिक्षकों से पूछताछ का कोरम पूरा कर लौट गए।
पश्चिमशरीरा की एक छात्रा ने वर्ष 2022-23 में आईटीआई में नामांकन कराया था। पूरे सत्र पढ़ाई के बाद भी उसे परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिला। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक विवेक तिवारी व ध्रुव सिंह की अनुचित मांगों को पूरा नहीं करने की वजह से उसे परीक्षा से वंचित किया गया। विरोध करने पर उसके साथ जातिसूचत शब्दों का प्रयोग किया गया।
शिकायत पर बीते दो साल से प्रकरण की जांच चल रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हुई। छात्रों ने करीब एक माह पहले डीएम मधुसूदन हुल्गी से प्रकरण में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद हरकत में आए विभाग ने फिर से जांच में तेजी दिखाई। सोमवार को जांच के लिए जेडी मिर्जापुर कॉलेज आए। उन्होंने छात्रा का कॉलेज बुलाया।
बताया जा रहा है कि छात्रा ने जेडी से साफ कहा कि वह माता-पिता को बताकर ही घर से निकलती है। इन दिनों फोन पर लोगों को बुलाकर तमाम घटनाएं होती हैं। ऐसे में बिना लिखित आदेश के बिना वह कॉलेज आने में असमर्थ है। इसके बाद जेडी ने आरोपित शिक्षकों से बंद कमरे में पूछताछ की और कोरम पूरा करते हुए चले गए।
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दबाई जा रही जांच
- पीड़िता का आरोप है कि जुलाई 2024 में प्रकरण की जांच जेडी मिर्जापुर को मिली थी। इसके बाद से वह जांच के लिए एक बार भी नहीं आए। डीएम से शिकायत के बाद विभागीय दबाव पड़ा तो वह जांच के लिए आए। बताया कि करीब 15 दिनों पहले जेडी ने फोन पर कॉलेज जांच के लिए आने के लिए कहा था। उस दौरान भी बिना लिखित आदेश के कॉलेज आने में असमर्थता जताई गई। इसके बाद भी कॉलेज की ओर से कोई पत्र नहीं मिला।
बोले अधिकारी
- जांच के लिए कॉलेज जाना हुआ था। छात्रा तो नहीं आई। लेकिन, आरोपित शिक्षकों से पूछताछ की गई है। - राम प्रसाद, जेडी आईटीआई मिर्जापुर मंडल