फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़ा चंदापुर के कछरा मजरा निवासी राकेश कुमार (26) शुक्रवार सुबह घर से करीब सात किलोमीटर दूर रघ्घुपुर गांव में घायल अवस्था में मिले थे। जिन्हें इलाज के लिए मंझनपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस घटना को सामान्य हादसा मानने से इन्कार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
बहनोई विरेंद्र कुमार के अनुसार राकेश करीब आठ वर्षों से सुनील कुमार की जेसीबी चला रहे थे। शुक्रवार सुबह वह घर से करीब सात किलोमीटर दूर रघ्घुपुर गांव में निर्माणाधीन मकान पर काम करने गए थे। रात करीब 9:24 बजे उन्होंने फोन कर घरवालों को बताया कि वह काम खत्म कर लौट रहे हैं। इसके कुछ ही देर बाद जेसीबी मालिक का फोन आया कि राकेश घायल अवस्था में पड़े हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है।
पहले उन्हें खखरेरू के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मंझनपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। बहनोई वीरेंद्र कुमार का कहना है कि शरीर पर चोट के कुछ निशान हैं, गले में सूजन है। साथ ही कान और नाक से खून भी निकला था, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत होता है।
घटना की सूचना पर पहुंची मंझनपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शादी के दो महीने बाद ही उजड़ गया सुहाग
राकेश चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। बीते 19 फरवरी को ही उनकी शादी हुई थी और घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सब कुछ बदल दिया। उधर पत्नी रो-रोकर बेहाल है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी सदमे में हैं।