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जंग-ए-आजादी के आखिरी योद्धा की अनदेखी

Thu, 04 Jun 2015 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
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मंझनपुर। आजादी की लड़ाई में खून बहाने वाले दोआबा के आखिरी योद्धा ललावन तिवारी को जिले के अफसर जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर भी धोखा देने से बाज नहीं आए। इस जांबाज की अंतिम सांसें थमने के महीने भर पहले शासन ने जिला प्रशासन से आजादी के दीवानों का पूरा ब्यौरा मांगा था। सरकार की सेनानियों के लिए कुछ बेहतर करने की योजना थी। पर, लापरवाह अफसरों ने ब्यौरा नहीं दिया। काश... अधिकारियों ने थोड़ी सी मानवता दिखाई होती तो शायद यह सेनानी सरकार की मदद पाकर दुनिया को अलविदा कहता।
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यमुना किनारे बसे कुम्हियावां गांव निवासी ललावन तिवारी जिले के आखिरी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। 95 वर्ष की उम्र में 17 मई 2015 को उनका निधन हो गया। जंग-ए-आजादी में खून-पसीना बहाने के बदले सरकार की ओर से उन्हें पेंशन के तौर पर चंद रुपये मिलते थे। उनकी मौत के बाद गांव पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने अर्थी पर दो पुष्प और सलामी देकर उनका सम्मान तो जरूर बढ़ाया लेकिन इन्हीं अफसरों ने जीते जी इस सेनानी से धोखा भी किया। इसका खुलासा बुधवार को तब हुआ जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में मांगा गया ब्यौरा नहीं उपलब्ध कराने को लेकर संयुक्त सचिव का पारा गरम हो गया।

संयुक्त सचिव जीपी कमल द्वारा डीएम को भेजे गए पत्र पर यकीन करें तो शासन ने छह अप्रैल को सात दिन के भीतर स्वाधीनता संग्राम सेनानियों का पूरा ब्यौरा मांगा था। ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराने पर संयुक्त सचिव ने 11 मई को रिमाइंडर भी भेजा था। इसके बाद भी अफसरों की नींद नहीं टूटी। इसी बीच 17 मई को जंग-ए-आजादी का यह आखिरी योद्धा ललावन तिवारी दुनिया छोड़कर चला गया। बेपरवाह अफसर उनके जिंदा रहते ब्यौरा उपलब्ध करा दिए होते तो शायद शासन की मंशा के मुताबिक उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कुछ और शासकीय सम्मान हासिल हो जाता। हद है कि अफसरों ने अभी तक ब्यौरा नहीं भेजा है। इसे देखते हुए संयुक्त सचिव ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर दो दिन में ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी कि दो दिनों में यदि ब्यौरा नहीं भेजा गया तो कार्रवाई की जाएगी। मामले में प्रभारी डीएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। बृहस्पतिवार को कार्यालय जाकर जांच की जाएगी। शासन ने जो भी ब्यौरा मांगा होगा उसे जल्द भेज दिया जाएगा।
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