It is not about himself but about the public
- फोटो : KAUSHAMBI
खुद की नहीं, जनता की ही रही फिक्र
सजगता के साथ ड्यूटी पर तैनात हैं चिकित्सक, जवान और सफाई कर्मी
मंझनपुर। दोआबा के चिकित्सकों, पुलिस कर्मचारियों और स्वच्छताग्रहियों को जनता का सलाम। इनका हौसला प्रशंसनीय है... इनमें हिम्मत है। जनता पर संकट आया तो इन्होंने खुद की परवाह छोड़ दी। पूरी सजगता के साथ ड्यूटी पर डट रहे। पुलिस वाले तो खुद की फिक्र न करने के साथ परिवार की खबर रखना भी भूल गए हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में भी दहशत है। आलम यह है कि दहशतजदा लोग ऐसे-ऐसे एहतियात बरत रहे हैं, जिनकी जरूरत नहीं है। पुलिस के जवान, चिकित्सक और सफाई कर्मचारी अपने बजाए जनता की फिक्र कर रहे हैं। पिंडरा सहाबनपुर की प्रधान रामरानी देवी ने बताया कि उनके यहां तैनात सफाई कर्मचारी पहले तो मनमानी करता था लेकिन, संक्रमण फैलने के बाद से प्रतिदिन गांव आता है। पूरी ईमानदारी के साथ सफाई करता है। उसने निजी खर्च पर दो और कर्मियों को लगा लिया था। हालांकि बाद में इनका खर्च प्रधान देने लगीं। पचंभा के प्रधान चंद्रभान यादव, गुवारा के मो. निराले, भइला की सविता यादव आदि ने भी अपने यहां तैनात सफाई कर्मचारियों की तारीफ की। मंझनपुर ब्लॉक की आरबीएसके टीम में शामिल डॉ. अरुण केसरवानी, डॉ. अलीमा खातून, रीता देवी, धीरज कुमार दूसरे शहरों से आने वालों की सेहत जांचने प्रतिदिन उनके घर पहुंच रहे हैं। अन्य ब्लॉकों की आरबीएसके टीम भी ये काम कर रही है। सभी पीएचसी, सीएचसी के चिकित्सकों में भी काफी सुधार आ गया है। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने भी ड्यूटी में कोताही लगभग बंद कर दी है। पुलिस के जवान 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को दरोगा, सिपाहियों, यहां तक की चौकीदारों व पीआरडी के जवानों ने भी गांव-गांव जाकर जनता कर्फ्यू के लिए लोगों को जागरूक किया। ये परिवार के बीच भी नहीं जा पा रहे हैं।