कोखराज कोतवाली के हसनपुर गांव में शुक्रवार की रात हुई मासूम की हत्या का महज चंद घंटे में ही पुलिस ने खुलासा कर दिया। शनिवार को पुलिस ने हत्यारोपी पड़ोसी दंपती व उसकी बेटी समेत तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक महीने भर पहले आरोपी दंपती की बेटी की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। दंपती ने अपने पट्टीदार पर तंत्र-मंत्र का आरोप लगाया था। इसके बाद वह पड़ोसी से रंजिश रखने और सबक सिखाने की फिराक में थे। दंपती ने बेटी की मौत का बदला लेने के लिए मासूम की हत्या करने का जुर्म कुबूल कर लिया है।
कोखराज कोतवाली के हसनपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह का दो वर्षीय बेटा शिवा शुक्रवार की शाम तकरीबन पांच बजे रहस्यमय हालत में गायब हो गया था। इसके बाद गांव में बच्चे के गायब होने को लेकर काफी हल्ला मचा। ग्रामीणों ने शक के आधार पर पूरे मोहल्ले के घरों की तलाशी ली। इस बीच पड़ोसी रामसूरत ने अपने घर की तलाशी देने से इंकार कर दिया।
शक गहराने पर लोगों ने रामसूरत के घर की घेराबंदी कर दी। सूचना मिलने पर एसपी अभिनंदन सैनी, कड़ा व कोखराज कोतवाली पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। रामसूरत के घर की तलाशी के दौरान पानी भरने वाली स्टील की टंकी में बंद मासूम शिवा की लाश मिली। मासूम की हत्या गला घोंटकर की गई थी।
पीड़ित परिवार ने रामसूरत, रामरती उर्फ रजुला व बेटी निर्मला उर्फ बच्चा के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चंद घटे बाद ही तीनों आरोपियों को नियामतपुर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एएसपी समर बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी की बेटी की एक माह पहले मौत हो गई थी।
उसे शक था कि मृतक शिवा के पिता ज्ञान सिंह ने ही तंत्र-मंत्र के चक्कर में उसकी बेटी को मौत की नींद सुला दिया। इसका प्रतिशोध लेने के लिए उसने दो वर्षीय मासूम शिवा की गला घोंटकर हत्या कर दी। एएसपी के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर सभी का चालान कर दिया गया है।
कोतवाली में ग्रामीणों संग जमे रहे परिजन
मासूम की हत्या के बाद हसनपुर गांव के लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। बवाल की आशंका को देखते हुए रात में ही एसपी ने गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी। परिजनों के साथ ही ग्रामीण फौरन मासूम के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसको लेकर दर्जनों ग्रामीण शनिवार सुबह कोतवाली पहुंच गए। पुलिस ने आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन अनहोनी के डर से परिजनों को बताया नहीं जा रहा था। लिखापढ़ी पूरी कर न्यायालय में पेश करने के बाद ही परिजनों और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ
Innocent murder was done to avenge the daughter's death- फोटो : KAUSHAMBI