भरवारी कस्बा स्थित सब्जी की दुकान में खरीदारी करता ग्राहक। संवाद
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बीते दिनों बेमौसम बारिश और खराब फसलों का असर आम आदमी की थाली पर दिखने लगा है। पहले से ही महंगी थाली का बजट एक सप्ताह में और बढ़ गया है। हाल यह है कि कई घरों में जहां हरी सब्जियां थाली से गायब हैं। वहीं टमाटर व धनिया की बढ़ती कीमतों ने लोगों का स्वाद बिगाड़ दिया है।
सर्दी में इस बार हरी सब्जियां आमजन की थाली से दूर है। पालक, मेथी और मूली से लेकर हरी धनिया के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जी मंडी के थोक विक्रेताओं का कहना है कि बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश सब्जियों की बढ़ी कीमतों की मुख्य वजह है। बारिश के कारण स्थानीय सब्जियां अभी तक मंडी नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में ज्यादातर सब्जियों की आवक बाहर से हो रही है।
नवंबर की शुरुआत से आम आदमी को बढ़ी हुई कीमतों में सब्जियां खरीदनी पड़ रही है। भरवारी बाजार में लोगों ने बताया कि सब्जी की कीमतें आसमान छू रहीं हैं इससे उनका बजट बिगड़ रहा है। भरवारी की रिचा रस्तोगी ने बताया कि सर्दी शुरू होते ही सब्जियां सस्ती हो जाती थीं लेकिन इस बार तो जैसे उनमें आग सी लगी है।
वहीं, प्रीति नीरज कौशल ने बताया कि सब्जी खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है। चार लोगों के परिवार के लिए एक दिन में सब्जी का खर्च 200 रुपये तक आता है। टमाटर, गोभी, पालक व मेथी के दाम बीते वर्ष की तुलना में तीन गुना से ज्यादा है।
15 दिनों में सब्जियों के दामों में अंतर
सब्जी अब पहले
आलू 20 18
टमाटर 60 40
गोभी 30 20
बैगन 50 40
परवल 120 60
शिमला मिर्च 80 60
मूली 40 30
धनिया 120 150
मटर 140 200