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Kaushambi News: मिलावट खोरी के खिलाफ बेअसर अभियान, जनता का नहीं ध्यान

Tue, 05 Sep 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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मंझनपुर। त्योहारों पर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ओर से चलाया जाने वाला विशेष अभियान महज खानापूरी है। महीनों बाद रिपोर्ट आती है, तब तक जनता सब खा-पी चुकी होती है।
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रक्षाबंधन पर एफएसडीए की ओर से 28, 29 और 30 अगस्त को विशेष अभियान चलाया गया। मंझनपुर, चायल और सिराथू तहसील क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और कस्बों के होटलों, डेयरी, मिठाई, किराना की दुकानों और खोवा मंडी से खोवे के छह, मिठाई के छह, पनीर, बेसन, नमकीन और दूध के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।

इधर, दुकानदारों का सारा माल बिक गया। रिपोर्ट न अभी आई है, न जल्दी आने की उम्मीद है। अब, अगर किसी में मिलावट मिलती भी है तो आगे मुकदमा और जुर्माना होगा। लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
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होली में खूब बिका था मिलावटी दूध और पनीर
मंझनपुर। होली में दूध के पांच, पनीर, सिंघाड़ा और किसमिस के नमूने लिए गए थे। दूध और पनीर में फैट कम था तो सिंघाड़ा भी मानकों पर खरा नहीं उतरा। जब तक रिपोर्ट आई, तब तक दुकानदार पूरा माल बेच चुके थे। नियमों के अनुरूप संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगना चाहिए, लेकिन एडीएम एफआर के न्यायालय में अब तक मुकदमा भी दर्ज नहीं हो सका है।

15 से 30 दिन के अंदर आनी चाहिए रिपोर्ट
मंझनपुर। एफएसडीए के पास जिले में खाद्य पदार्थों के नमूनों की तत्काल जांच करने की व्यवस्था नहीं हैं। प्रदेश में करीब आठ प्रयोगशालाएं हैं, जहां सूबे के सभी 75 जिलों के नमूने जाते हैं। वैसे तो 15 से 30 दिन के अंदर नमूनों की जांच रिपोर्ट आ जानी चाहिए, लेकिन प्रयोगशालाओं की कमी के कारण कई-कई महीनों लग जाते हैं।



जनपद स्तर पर तत्काल नमूनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा। जिस दुकानदार का नमूना फेल होगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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शहाबउद्दीन सिद्दीकी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफएसडीए
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