मंझनपुर/कड़ा। सैनी कोतवाली के कमालपुर गांव में बुधवार की शाम संदिग्ध हालत में लगी आग से सास-बहू घर के अंदर जिंदा जल गईं। चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग घर की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे संपत्ति के विवाद में खुदकुशी की घटना मान रही है।
कमालपुर गांव निवासी भगत मौर्य के दो बेटे मुन्ना व राकेश हैं। राकेश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। भगत अपनी जायदाद दोनों बेटों के बीच बांटना चाहते थे, जबकि मुन्ना इसके लिए राजी नहीं था। इसी बात को लेकर छह महीने से दोनों भाइयों के बीच विवाद था। एक सप्ताह पहले राकेश दिल्ली से घर आया था। चर्चा रही कि घर में उसके आने के बाद फिर से कलह हुआ। इस वजह से राकेश मंगलवार को ही दिल्ली वापस चला चला गया। बुधवार की शाम करीब छह बजे राकेश के घर से आग की लपटें निकलने लगी। चीख-पुकार पर पहुंचे मोहल्ले वालों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप अख्तियार कर चुकी थी। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने आग बुझवाई तो अंदर राकेश की पत्नी शीला (35) व मां कुंती (65) का जला-भुना शव पड़ा था। पुलिस ने मौका मुआयना के बाद पंचनामा भरकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इंस्पेक्टर सैनी अर्जुन सिंह का कहना है कि प्रापर्टी को लेकर विवाद था। मौके पर जाकर घटना की जांच की गई। शीला की बेटी वर्षा व बेटे पंकज ने बताया कि मां का दादी के साथ झगड़ा हुआ, इसके बाद दोनों ने अपने-अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद घटना के सही कारण का पता चल सकेगा।