करारी में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आरती करते यजमान। संवाद
मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।
यह बात कस्बे के श्री रामलीला मैदान में श्री मद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए पंडित अतुल कृष्ण भार्गव ने कही। उन्होंने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। उन्होंने कहा कि परीक्षित कलयुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं।
उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। इस मौके पर यजमान छोटे लाल चौरसिया, बच्चा कुशवाहा, कल्लू राम चौरसिया, सूरजबली चौरसिया, विजय वर्मा, पंकज शर्मा, सोनू चौरसिया आदि लोग रहे।