गलत ई-चालान हो गया है तो साक्ष्य देने पर निरस्त कर दिया जाएगा। डीटीसी (अपर परिवहन आयुक्त) को इसका अधिकार दिया गया है। वह आरटीओ व एआरटीओ की संस्तुति पर चालान निरस्त करेंगे। अभी तक ई-चालान निरस्त करने का अधिकार केवल टीसी (परिवहन आयुक्त) के पास ही था।
कई बार वाहन स्वामियों का त्रुटिपूर्ण ई-चालान हो जाता है। स्थानीय अधिकारी इसे रद्द करने का अधिकार लखनऊ में परिवहन आयुक्त के पास होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते थे। अब परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था में परिवर्तन किया है।
गलत ई-चालान की शिकायत आने पर समिति अपने स्तर पर जांच करेगी।यदि प्रवर्तन अधिकारी ने गलत ई-चालान किया है तो उसे ये संशोधित करेंगे। गलत जुर्माना लगाया गया है तो उसमें सुधार करेंगे। परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए इस व्यवस्था को तत्काल अमल में लाने का निर्देश दिया है।
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समिति में ये होंगे शामिल
उप परिवहन आयुक्त-अध्यक्ष
संभागीय परिवहन अधिकारी-सदस्य
संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक)-सदस्य
चालान निरस्तीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अभी तक यह अधिकार परिवहन आयुक्त के पास था। अब स्थानीय स्तर पर गठित समिति में शामिल अफसरों की संस्तुति पर अपर परिवहन आयुक्त की ओर से त्रुटिपूर्ण चालान को निरस्त किया जा सकेगा।
- तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ