इस बार धान की फसल पकनी शुरू हो गई है पर सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। बाजरा अभी खेतों में है तो पांच क्रय केंद्र संचालित है। स्थिति यह है कि धान पैदा करने वाले किसानों ने निजी केंद्रों पर उपज बेचनी शुरू कर दी। उनका कहना है कि नवंबर से खरीद शुरू होगी। तब तक वह इंतजार नहीं कर सकते।
जिला खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार जिले में 40 धान क्रय केंद्र और पांच बाजरा क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन के निर्देश पर बाजरा खरीद की शुरुआत कर दी गई है। किसानों का कहना है कि बाजरा की फसल अभी कटाई लायक नहीं है। फसल कटने में कम से कम 20 से 25 दिन लगेगा।
दूसरी ओर धान की कटाई जोरों पर है। किसान अपने उत्पाद की बिक्री को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि धान खरीद नवंबर में शुरू होगी तब तक खुले बाजार में उन्हें औने-पौने दामों पर फसल बेचनी पड़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि पूर्वांचल में बाजरा पहले और धान बाद में कटता है। उसके अनुसार ही व्यवस्था बनी है। केवल कौशाम्बी को ध्यान में रखकर खरीद प्रदेश भर की योजना नहीं बनाई जा सकती है।
जल्दी खरीद की मांग
भरसवां के किसान राम आसरे, नेवादा के कपिल कुमार सुरेशचंद्र व उदहिन के रिंकू, मनोज कुमार और नारा के श्यामलाल आदि ने बताया कि उनकी फसल तैयार हो चुकी है। एक दो दिन में कट जाएगी। ऐसे में धान की खरीद तत्काल शुरू की जाए। इस व्यवस्था से खरीद केंद्रों पर भीड़ नहीं लगेगी। किसानों को धान बेचने के लिए दिन-रात केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
खरीद की व्यवस्था
खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ व पीसीयू के छह-छह, यूपी एसएस के नौ, मंडी परिषद व भारतीय खाद्य निगम के एक-एक धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। वहीं बाजरा खरीद के लिए ओसा मंडी परिसर, कुम्हियावां, कौशाम्बी के मेड़वारा गांव में, अजुहा मंडी परिसर व सिराथू कस्बे के सिनेमा घर में एक-एक केंद्र बनाया गया है। सरकार ने इस साल कामन धान के लिए 2369 रुपये प्रति क्विंटल व ग्रेड-ए धान के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। बाजरे के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
धान की फसल की कटाई हो रही है। इस साल बरसात बेहतर होने से फसल जल्द पक गई है। कुछ दिनों पहले बारिश और आंधी के कारण कई जगह फसल गिर गई है। ऐसे में अधिक नुकसान न हो इसके लिए पकी फसल की कटाई जल्दी शुरू कर दी है। फसल कटते ही बेचने की तैयारी है।
- शिवपूजन उर्फ उत्तम सिंह, किसान
-सरकारी खरीद केंद्र में धान नहीं बिकेगा तो निजी दुकानदार को धान बेचना पड़ेगा। हर हाल में खर्च चलाने के लिए धान को किसी भी कीमत पर बेचना जरूरी है।
- गनेश लोध, किसान
सरकार के निर्देश के अनुसार धान खरीद केंद्र खोल दिया गया है। यहां नवंबर में धान की खरीद होगी। वहीं बाजरे की खरीद शुरू है। अब तक किसान बाजारा बेचने के लिए नहीं आए हैं।
- सुधांशु चौबे, डिप्टी आरएमओ