कादिराबाद स्थित गोसंरक्षण केंद्र का निरीक्षण करते सीवीओ
- फोटो : kaushambi
किसानों के साथ ही अब प्रशासन के लिए भी अन्ना मवेशी मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। चित्रकूट जनपद से यमुनापार कर लाए जाने वाले अन्ना और पशु पालकों द्वारा गैर दुधारू मवेशियों के छोड़े जाने से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन अब समस्या से निजात पाने के लिए पशु पालकों द्वारा मवेशी छोड़े जाने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगा दिया है।
अन्ना मवेशियों के संरक्षण के लिए जिले के कादिराबाद में स्थाई और 23 अस्थाई गोशालाएं खोली गई हैं। इन आश्रय स्थलों में अधिकतम 27 सौ गोवंश रखने की व्यवस्था है। इसके विपरीत जिले में इन दिनों चित्रकूट जनपद से यमुना पार कर इस तरफ बड़ी संख्या में मवेशी छोड़े जा रहे हैं। इसके अलावा चारा-पानी के अभाव में जिले के पशु पालक भी अपने गैर दुधारू पशुओं को आवारा छोड़ दे रहे हैं। इसके चलते एकाएक अन्ना मवेशियों की बाढ़ आ गई है। शासन की सख्ती के बाद प्रशासन के सामने इन्हें सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। रविवार को वृहद गोसंरक्षण केंद्र में ऐसा ही कुछ देखने को मिला।
कुछ लोग यहां ट्रक में भरकर 20 मवेशी लेकर पहुंचे। वह मवेशियों को गो संरक्षण केंद्र में रखने की जिद कर रहे थे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि चार सौ मवेशियों की क्षमता वाले इस केंद्र में फिलहाल दो शेड बने हैं। जहां अधिकतम दो सौ मवेशियों को तेज धूप से बचाने की व्यवस्था है। बाकी दो शेड का निर्माण प्रस्तावित है। इसलिए थोड़ी समस्या है। बहरहाल जद्दोजेहद के बाद सीवीओ ने उन मवेशियों को केंद्र के अंदर रखवाया। सीवीओ ने बताया कि केंद्रों पर पशु पालकों द्वारा छोड़े जाने वाले गैर दुधारू पशुओं को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि किसी पशु पालक द्वारा मवेशी छोड़ा गया तो उसके खिलाफ एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।