महेवाघाट (काैशाम्बी)। दहेज के लिए विवाहिता की गला घोंटकर हत्या और फिर उसे फंदे पर लटकाने के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दोषी पति को दस वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र के बियावल निवासी मोहनलाल ने अपनी बेटी पुष्पा की शादी 23 जनवरी 2019 को महेवाघाट के घोघपुरवा निवासी बबलू से की थी। आरोप था कि विवाह के बाद से ही पति बबलू, ससुर सत्यनारायण और सास मिर्ची देवी दहेज में बाइक, सोने की अंगूठी आदि की मांग कर रही थी। इसके लिए पुष्पा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
आरोप के मुताबिक दहेज नहीं मिलने पर 24 फरवरी को पुष्पा की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर महेवाघाट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश/ त्वरित न्यायालय (प्रथम) फरीदा बेगम ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
अदालत ने विवाहिता की हत्या में पति को दोषी पाया, जबकि ससुर और सास को दोषमुक्त कर दिया। पति बबलू को दस वर्ष की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।