लगातार चार दिनों से तापमान चढ़ता जा रहा था। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन उमस भरी गर्मी बेहाल करती रही। देर शाम हुई झमाझम बारिश ने राहत पहुंचाई। हालांकि, कई जगह जलभराव से लोगों को परेशानी भी हुई।
जिले में एक जुलाई को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस था। इसके बाद दिन ब दिन अधिकतम तापमान बढ़ता ही जा रहा था। बादलों की आवाजाही के कारण धूप तो अपना प्रभाव नहीं बना पा रही थी, लेकिन उमस ने जीना दुश्वार कर दिया था। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन लोग उमस से जूझते रहे। कूलर और पंखे के सामने कुछ राहत रहती। चंद मिनट के लिए भी दूर हटने से पूरे कपड़े पसीने से भीग जा रहे थे। अधिकतम तापमान भी बढ़ते-बढ़ते 38.3 पर पहुंच गया था। हालांकि, न्यूनतम 27.7 डिग्री सेल्सियस ही रहा। देर शाम अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ देर तो तेज बारिश हुई, इसके बाद फिर रिमझिम। इसी तरह करीब एक घंटे तक पानी गिरा, जिसके बाद गर्मी से बेहाल लोगों को सुकून मिला। वहीं चमनगंज, भेलखा, ओसा गांव समेत नगर के अन्य कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ा। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़कें पानी से लबालब हो गईं।
10 एमएम हुई बारिश, फसलों को होगा फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. अजय सिंह ने बताया कि पूरे जिले में बारिश नहीं हुई है। मंझनपुर, चायल, चरवा समेत कुछ इलाकों में ही हुई है। इसलिए आंकड़ा 10 एमएम तक सीमित रह गया। रात में बारिश हुई तो आंकड़ा चढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि धान समेत अन्य फसलों के लिए यह बारिश अमृत के समान है। इससे फसलों में रौनक आएगी। पौधों का विकास तेजी से होगा।