फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: कैसे बुझेगी प्यास...आबादी एक हजार, हैंडपंप सिर्फ पांच

Tue, 20 Jan 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद
विज्ञापन
सुधीर कश्यप
विज्ञापन

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। करीब एक हजार की आबादी वाली इस कॉलोनी में कुल पांच हैंडपंप ही पानी का एकमात्र सहारा बने हुए हैं। बढ़ती आबादी और सीमित संसाधनों के चलते लोगों को रोजाना पानी के लिए लाइन में लगना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
कांशीराम कॉलोनी में बनी पानी की टंकी पिछले लगभग पांच वर्षों से खराब है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। तीन साल पहले नगर पालिका की तरफ से टंकी के पास नया बोर कराया गया था, लेकिन आज तक उसमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
विज्ञापन

कॉलोनी में रहने वाले गुलाब और दिलीप कुमार ने बताया कि छह महीने पहले सभासद की शिकायत पर अधिशासी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण भी किया था, लेकिन उसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में नाराजगी है। सबसे ज्यादा परेशानी मकान की तीसरी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को हो रही है।
कई लोगों को मजबूरी में पानी ढोकर ऊपर ले जाना पड़ता है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पानी भरने के लिए ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। सुबह और शाम हैंडपंपों पर लंबी लाइनें लग जाती हैं।
गर्मी के दिनों में स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही पानी की टंकी को चालू नहीं किया गया और सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्षों से बंद पड़ी पानी की टंकी को जल्द चालू कराया जाए और बोर की सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि कॉलोनीवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध हो सके।
गंदगी से घिरे हैंडपंप, पानी भरना मुश्किल
:: कांशीराम कॉलोनी समदा के जिन हैंडपंपों से लोग पानी भरते हैं, वहां गंदगी फैली रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास कूड़ा-कचरा और कीचड़ जमा होने से फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार गंदा पानी निकलने की भी शिकायत रहती है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने हैंडपंपों की नियमित सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। संवाद
तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाना बना चुनौती
:: परिवार में छह सदस्य हैं और मकान काॅलोनी के तीसरी मंजिल पर है। परिवार बड़ा होने के कारण पानी की जरूरत अधिक होती है, लेकिन कॉलोनी में पानी की सप्लाई न होने से तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ठंड और गलन के दिनों में पानी ढोना और भी कष्टदायक हो जाता है। - मो. असलम।
:: कॉलोनी में पानी की टंकी वर्षों से बंद पड़ी है और हैंडपंपों पर सुबह-शाम लंबी लाइन लग जाती है। कई बार आधे घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तब कहीं जाकर पानी मिल पाता है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यदि, जल्द स्थायी व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाएगी। - सुरेश कुमार
विज्ञापन

कांशीराम काॅलोनी में पेयजल की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी को मौके पर भेजकर तत्काल जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर बिना किसी देरी के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। -डॉ. अमित पाल, जिलाधिकारी

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद

समदा स्थित कांशीराम कॉलोनी में शोपीस बनी पानी टंकी। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें