मंझनपुर। मानदेय भुगतान को लेकर संविदा कर्मचारियों ने शुक्रवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय मंझनपुर में प्रदर्शन किया। आरोप है कि नियमित ड्यूटी करने के बाद भी सात महीने से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इससे वे आर्थिक तंगी का शिकार हैं। आक्रोशित कर्मचारियों ने शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान सीएमएस को ज्ञापन देकर मानदेय भुगतान के बाद ही हड़ताल बंद करने की चेतावनी दी गई है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय मंझनपुर में संस्था के माध्यम से 54 कर्मचारियों को नियुक्ति की गई थी। संविदा कर्मी कृपाशंकर त्रिवेदी, संतोष कुमार, धीरेंद्र कुमार, अंकित कुमार, विकास सिंह, कृष्णमूर्ति सिंह, अभिषेक तिवारी, लवकुश पांडेय, ज्ञानचंद्र, शैलेन्द्र कुमार सिंह, तेजबहादुर, रामप्रताप, मदन सिंह, ज्ञानबाबू, सुनीता, शंभू कुमार, हरिश्चंद्र, सुरेशचंद्र, अमलेश कुमार, अजय कुमार, प्रेमचंद्र, रामनेवाज, संगीता, जावित्री देवी, वैद्यनाथ शर्मा, अनुपम कुमार, जटाशंकर, देवाल, अमर कुमार, गनेश कुमार, सरिता देवी आदि का कहना है कि पोस्टिंग के बाद वे मेहनत और लगन से नियमित ड्यूटी कर रहे हैं।
आरोप है कि जून 2014 से उन्हें मानदेय नहीं दिया गया है। कर्मचारी नेता कृपाशंकर ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी का शिकार हैं। बच्चों के अलावा घर-गृहस्थी के अन्य कार्यों के क्रियान्वयन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर को अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन देकर मानदेय के भुगतान की मांग की गई थी। इस दौरान सात दिन के भीतर मानदेय भुगतान कराने का आश्वासन दिलाया था।
फिर भी अब तक मानदेय नहीं दिया गया है। इससे कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक रूप उत्पीड़न हो रहा है। कर्मचारियों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान सीएमएस को ज्ञापन देकर मानदेय मिलने के बाद भी हड़ताल बंद की चेतावनी दी गई है। मामले सीएमएस डॉ. यूबी सिंह का कहना है कि कर्मचारियों को जल्द ही मानेदय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।