मंझनपुर। मानदेय और नवीनीकरण नहीं होने से गुस्साए प्रेरकों ने शुक्रवार से आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। मानदेय भुगतान की मांग करते हुए प्रेरकों ने डायट मैदान में धरना शुरू कर दिया है। प्रेरकों ने ऐलान किया है कि मांगें पूरी होने उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
बता दें कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कौशाम्बी में साक्षर भारत मिशन योजना लागू की गई है। इसके तहत गांव-गांव लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं।
इन केंद्रों में निरक्षरों को पढ़ाने के लिए प्रेरकों की नियुक्ति भी जुलाई 2013 में की गई थी। आरोप है कि तैनाती के बाद से प्रेरकों के साथ ही ब्लाक और जिला समन्वयकों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। साथ ही अब तक इनका नवीनीकरण भी नहीं किया गया। प्रेरकों की मानें तो मानदेय भुगतान और नवीनीकरण के लिए बार-बार अफसरों को अवगत कराया गया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके जिलाधिकारी से भी मानदेय भुगतान की मांग की गई। फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
अफसरों की इस अनदेखी से शुक्रवार को प्रेरकों का गुस्सा फूट पड़ा। नारेबाजी करते हुए डायट मैदान में जुटे प्रेरकों ने धरना शुरू कर दिया है। जिला समन्वयक चंद्रभान सिंह ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है। धरना चलता रहेगा। जरूरत पड़ी, तो प्रेरक भूख हड़ताल भी करेंगे। इस मौके पर मंजीत कुमार, अभिलाषा शुक्ला, रवि पटेल, नसीम अहमद, आलोक कुमार, समर सिंह, शिवबरन, शिवबाबू, सतीश कुमार, जुल्फेकार हसनैन, अंजू देवी, नीतू देवी, कल्पना देवी, सपना, सुमन देवी, अंजना देवी, दीपमाला, रीता देवी आदि मौजूद रहे।