तमाम मंथन के बाद सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी चायल, नेवादा और सरसवां विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख पद के उम्मीदवार का नाम नहीं तय कर सकी। इन ब्लॉकों में कहीं सांसद तो कहीं विधायक या फिर संगठन के बीच प्रत्याशी को लेकर आपसी सहमति नहीं बन सकी। इसी कारण माननीयों ने पार्टी को दरकिनार कर प्रत्याशी घोषित नहीं होने दिए। नतीजतन तीनों ब्लॉकों में दावेदारी कर रहे पार्टी के उम्मीदवारों को स्वतंत्र छोड़ दिया गया। ऐसे में इन ब्लॉकों में मुकाबला कांटेदार होने के आसार हैं।
नेवादा ब्लॉक में प्रमुख पद की सीट भले ही अनुसूचित वर्ग के लिए आरिक्षत की गई है। लेकिन यहां सामान्य वर्ग के दो दिग्गज अपने-अपने कारिंदों के सहारे ब्लॉक प्रमुखी पर कब्जा करने की कोशिश में हैं। एक दिग्गज को सांसद विनोद सोनकर तो दूसरे को चायल विधायक संजय कुमार गुप्ता का करीबी माना जाता है। तमाम मंथन के बाद दोंनों दावेदारों को फ्री छोड़ दिया गया।
माना जा रहा है कि दोनों चुनावी समर में किस्मत आजमाएंगे। इससे मुकाबला बेहद कांटेदार होना तय है। इसी तरह सरसवां ब्लॉक में भी दावेदारी के लिए आवेदन करने वाले दो उम्मीदवारों में एक सांसद के करीबी व दूसरे को संगठन का नजदीकी बताया जा रहा है। तमाम कोशिशों के बाद दोनों दावेदारों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
जबकि, सबसे कम सदस्यों वाली चायल ब्लॉक का मामला अलग है। यहां से दो दावेदारों ने पार्टी से टिकट के लिए आवेदन किया था। दावेदारी करने वाले एक उम्मीदवार की स्थिति बेहद मजबूत है, जबकि दूसरे के पास अनुमोदक, प्रस्तावक का संकट है। लेकिन मजबूत स्थिति वाले दावेदार की छवि को लेकर सवाल खड़े होने से पार्टी ने यहां अपना अधिकृत उम्मीदवार ही नहीं उतारा।
चायल ब्लॉक में निर्विरोध निर्वाचन के आसार
चायल ब्लॉक में प्रमुख पद को लेकर बुधवार की शाम तक एकतरफा मुकाबला दिखा। यहां शुरू से ही दावेदारी ठोंकने वाले दोनों दावेदार भाजपा के ही थे। इनमें से एक दावेदार ने बुधवार की दोपहर मनौरी में क्षेत्रीय विधायक के साथ बैठक कर 39 सदस्यों में से 35 बीडीसी सदस्यों के साथ होने का दावा किया। यह सदस्य बैठक में भी मौजूद रहे। जबकि दूसरे की स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है। ऐसे में यहां निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनने के आसार हैं।