संदीपन घाट कोतवाली के महगांव में सोमवार सुबह हैंडपंप में मोटर डालने के विवाद में हिस्ट्रीशीटर बदमाश की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। मृतक के मां की तहरीर पर छह नामजद व कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नामजद आरोपी हिरासत में हैं। एडीजी भानू भास्कर ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है।
महगांव निवासी अरशद (35) उर्फ सैफी संदीपन घाट कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ कोखराज, संदीपन घाट व फतेहपुर जनपद में लूट व गैगेस्टर के केस दर्ज थे। वह गांव के ही अनिल रैदास के साथ मछली पालन का व्यवसाय करता था।
मां अफरोजा बानो ने बताया कि गांव के शंकर कुशवाहा अपने घर से 20 मीटर दूर स्थित खराब पड़े सरकारी हैंडपंप में 13 मार्च को मोटर डालना चाह रहा था। इसे लेकर अनिल ने विरोध किया। अनिल के पक्ष में सैफी भी खड़ा था। यह बात शंकर के परिवार वालों को नागवार गुजरी।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे सैफी गांव में घूम रहा था। वह जैसे ही शंकर कुशवाहा के घर के समीप पहुंचा था, तभी उसका बेटा प्रदीप, कुलदीप, दिलीप समेत परिवार के रामनरेश, राकेश व राजेंद्र व अन्य तीन लोगों ने अपने घर की छत से पथराव किया। इससे सैफी जख्मी हो गया। इसके बाद सभी नीचे उतर आए और उस पर खोवा बनाने वाले दबिला से सिर पर कई वार किए। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
घटना को अंजाम दे आरोपी भाग निकले। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण एडीजी, डीएम, एसपी समेत अन्य अफसर फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। ताबड़तोड़ दबिश देकर गांव के बाहर से नामजद आरोपियों को पकड़ लिया।