मदद करें पर, न बनाएं गरीबी का मजाक
सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने से ऑल इंडिया बैकवर्ड इंप्लाइज फेडरेशन नाराज
मंझनपुर। लॉकडाउन के कारण बंद पड़े कल-कारखानों से दिहाड़ी मजदूरों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मेहनतकश इंसान लॉकडाउन का पालन करते हुए घर में बैठा है। इन परिवारों की मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए, लेकिन ज्यादातर लोग हैं जो दान देते वक्त फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर गरीबी का मजाक उड़ा रहे हैं। ये बातें ऑल इंडिया बैकवर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारणी अध्यक्ष पीसी चौरसिया ने प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में कही। उन्होंने इस प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है।
पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में अधिवक्ता पीसी चौरसिया ने कहा वैश्विक महामारी को लेकर संकट के दौर से गुजर रहे देश का हर नागरिक सरकार के फैसले का पालन कर रहा है। लॉकडाउन के कारण कल-कारखाने बंद हो चुके हैं। दिहाड़ी मजदूरों का काम-धंधा भी बंद पड़ा है। ऐसे में मेहनतकश इंसान काम नहीं कर पा रहा है। इसके कारण उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट ख़ड़ा हो गया है। मदद लेना आज उन परिवारों की मजबूरी बन चुकी है। ऐसे में इन परिवारों की मदद करना सभी का दायित्व है। पर ज्यादातर लोग दानवीर बनने का ढिंढोरा पीट रहे हैं। वह गरीब, असहाय व बेसहारा लोगों की मदद तो करने के दौरान ली गई फोटो को फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपलोड करके गरीबी का मजाक उड़ाने से भी नहीं चूक रहे। पीसी चौरसिया ने पत्र के जरिए इस प्रथा पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अपने संगठन के लोगों से अपील की है कि वह लोग जरुरतमंदों की मदद करें, लेकिन किसी की फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर वायरल नहीं करें।