तपिश वाली गर्मी में लू का कहर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चे खासा परेशान हैं। अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीज लू और डायरिया से पीड़ित हैं। अस्पताल के पीकू वार्ड में डायरिया व लू से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती हैं। इनमें तीन अन्य बच्चे भी हैं, जिन्हें डायरिया संग अन्य बीमारी है। प्राचार्य के मुताबिक ओपीडी में रोजाना 140 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिनमें डायरिया और लू पीड़ितों की संख्या 40 से ज्यादा होती है।
घमसिरा गांव की वंदना ने शनिवार की रात अपनी मां से बताया कि पेट में दर्द हो रहा है। नजदीकी डॉक्टर से दवा कराने के बाद भी आराम नहीं मिला तो रविवार को सुबह वंदना को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले जाया गया। इमरजेंसी में डॉक्टर ने उसका परीक्षण कर उसे डायरिया पीड़ित बताते हुए पीकू वार्ड में भर्ती करा दिया। वार्ड में भर्ती एक साल के कार्तिक के पिता ने बताया कि बेटा दो दिन से उल्टी-दस्त और बुखार से परेशान है। डॉक्टर ने डायरिया और संक्रमण बताया है। वार्ड में इसी तरह डायरिया पीड़ित 12 सहित कुल 15 बच्चे भर्ती हैं।
बालरोग विभाग की ओेपीडी में उपचार कर रहे डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में ज्यादातर बच्चे बीमार हो रहे हैं। सोमवार को आधे दिन की ओपीडी में 90 मरीज आएं। जिसमें से 25 मरीज डायरिया और लू से पीड़ित रहे।
-बचाव के उपाय
- बच्चों को अधिकाधिक पानी पिलाएं
-घर का शुद्ध व ताजा भोजन खिलाएं
-बच्चा यदि दूध पीता हो तो उसे चम्मच से पिलाएं
- दूध की बोतल को गर्म पानी से बार-बार धुलें
-बच्चों को बाजार में चाट-पकौड़ी, जंकफूड से दूर रखें।
- बच्चे बीमार हों तो खुद से इलाज न करें। बल्कि चिकित्सकीय परामर्श लें।
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पीकू वार्ड में लू और डायरिया के भर्ती बच्चे
- इन दिनों लू के कहर से अस्पताल में सिराथू की सावित्री के सात माह के दो जुड़वा बच्चे, वहीं छह माह का विष्णु, गोबर सहाई का एक वर्षीय देवेंद्र, मंझनपुर की पांच माह की रिया, टेंवा के दो वर्षीय वंश, सैनी के आठ माह के श्रेयांश, बहादुरपुर के दो वर्षीय राजसिंह, परसरा के एक वर्षीय कार्तिक, देवरा गांव की ग्यारह माह की ज्योति, चरवा के एक वर्षीय श्रेयांश, महेवा के चार माह के शुभ और घमसिरा गांव वंदना भर्ती हैं।
मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में भर्ती डायरिया पीड़ित बच्चे। संवाद- फोटो : kathua