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Kaushambi News: गर्मी का को प्रकोप... उल्टी-बुखार से किशोरी की जान गई

Sun, 05 May 2024 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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बेला फतेहपुर गांव में शोभा देवी मौत पर रोते बिलखते परिजन। संवाद
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सदर कोतवाली के बेला फतेहपुर गांव की घटना, गेहूं मड़ाई के कारण सांस की समस्या भी बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलपुरवारी। गर्मी के कारण बुखार, डायरिया और अस्थमा की समस्या बढ़ गई है।सदर कोतवाली के बेला फतेहपुर गांव में एक किशोरी की उल्टी-बुखार से मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी-पीएचसी में सांस संबंधी समस्या के रोगी बढ़ गए।
फतेहपुर बेला गांव निवासी रामजतन की बेटी शोभा देवी (17) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टर के इलाज फायदा न हुआ। शुक्रवार शाम बुखार के साथ ही उल्टी भी शुरू हो गई तो परिजन उसे लेकर दूसरे अस्पताल जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही शोभा ने दम तोड़ दिया।
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शोभा के नाना दादू ने बताया बेटी व दामाद उसी के साथ रहते थे। शोभा को बुखार तो कई दिनों से आ रहा था लेकिन शुक्रवार को उल्टी होने के बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ी। परिजनों ने पुलिस के सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
वर्जन
जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी में गर्मी जनित बीमारियों व दमा की दवाएं उपलब्ध हैं। चिकित्साधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि पर्याप्त दवाएं स्टॉक में रखें। कोई दवा खत्म होने वाली है तो उसे पहले ही मंगा लें।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ

अस्पतालों में रोज पहुंच रहे 200 सांस के रोगी
फोटो- 07
संवाद न्यूज एजेंसी

मंझनपुर। मौसम में बदलाव व गेहूं की मड़ाई की वजह से जिले में दमा के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 15 दिन पहले जहां दमा के 35 से 40 रोगी आते थे। वहीं, अब मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी-पीएचसी में करीब 200 लोग सांस फूलने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
चायल सीएचसी में लगभग 25 रोगी रोजाना उपचार कराने पहुंच रहे हैं। सीएचसी सरायअकिल में इनकी संख्या लगभग 35 रहती है। मेडिकल कॉलेज में करीब 40 पीड़ित इलाजे कराने पहुंच रहे हैं। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को आंकड़ा करीब 200 के पार है।
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजीशियन डॉ. संजीव सिंह बताते हैं कि दमा सर्दी के अलावा पतझड़ और फसलों की मड़ाई के समय ज्यादा परेशान करता है। इस समय पतझड़ और मड़ाई दोनों का वक्त है। यही वजह है कि दमा के रोगी बढ़ रहे हैं।
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इनसेट
मास्क पहनें और धूल के संपर्क में जाने से बचें

डॉ. संजीव सिंह कहते हैं कि सांस के जितने भी पुराने रोगी हैं, वह अपनी सेहत का खास ध्यान रखें। अन्य लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना न भूलें। किसान अगर मड़ाई करने जा रहे हैं तो मुंह को गमछे से अच्छी तरह ढक लें ताकि धूल हवा के साथ श्वास नली में न जाने पाएं। शीतल पेय पदार्थों से दूर रहें।
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