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Kaushambi News: खजाने की आस में कर रहा था खोदाई, मिट्टी का टीला धंसने से किशोर की माैत, दो जख्मी

Sun, 31 Aug 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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कौशाम्बी ब्लॉक के कोसम इनाम में राजा उदयन का प्रसिद्ध किला है जो करीब 3600 बीघे में फैला है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के इस क्षेत्र में शनिवार को खजाने की आस में खोदाई के दाैरान मिट्टी का टीला ढहने से दबकर एक किशोर की माैत हो गई, जबकि चपेट में आए दो अन्य जख्मी हो गए। चीख पुकार के बाद जेसीबी की मदद से किशोर को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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जानकारी के अनुसार, शनिवार को कोसम इनाम में बड़ा गढ़वा गांव निवासी मंगल पुत्र सैकू किला क्षेत्र में खजाने की आस में खोदाई कर रहा था। तभी कोसम इनाम निवासी अनमोल (17) पुत्र अर्जुन और शिवम पुत्र दुखीलाल भी मवेशी चराने पहुंच गए। मंगल को खोदाई करता देख दोनों किशोर भी उसे देखने के लिए रुक गए। इस दौरान दोनों खोदी गई सुरंग के अंदर घुस गए। तभी अचानक सुरंग के ऊपर की मिट्टी धंस गई।

मिट्टी का टीला गिरते ही तीनों उसके नीचे दब गए। उनके शोर मचाने पर आसपास मवेशी चरा रहे लोग पहुंच गए। मिट्टी को हटाकर मंगल और शिवम को जख्मी हालत में बाहर निकाला गया लेकिन अनमोल को नहीं निकाला जा सका। बाद में पुलिस ने जेसीबी की मदद से अनमोल को बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुरातत्व विभाग के साइड इंचार्ज राजकुमार पांडेय व मार्तंड कुमार भी माैके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि किला क्षेत्र में खोदाई आदि वर्जित है लेकिन काश्तकारों को खेती-बाड़ी करने की इजाजत है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग चोरी छिपे नालों आदि में गड़ा धन खोजने के लिए खोदाई का कार्य करते हैं।
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किला क्षेत्र में मिट्टी का टीला धंसने से एक किशोर की दबकर मौत हो गई है। पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर किशोर को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।- जनेश्वर प्रसाद पांडेय, सीओ कौशाम्बी
फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि खोदाई कहां हो रही थी। रविवार को मौके पर जाकर देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। कर्मवीर तिवारी, वरिष्ठ संरक्षण सहायक पुरातत्व, प्रयागराज

कौशाम्बी में पहले पुरातत्व विभाग ने भी कराई है खोदाई

पुरातत्व विभाग के साइड इंचार्ज राज कुमार पांडेय ने बताया कि राजा उदयन के किले में 1957-1959 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीआर शर्मा की टीम ने खोदाई की थी। उस वक्त मौर्य, शुंग, कुषाण और गुप्त काल के सिक्के, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां और यज्ञ वेदी भी मिली थी।
पुरातत्व विभाग की खोदाई के बाद लोगों को लगा कि यहां खजाना हो सकता है। इसके बाद से यहां अक्सर लोग चोरी-छिपे खोदाई का कार्य करते हैं। क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि किले में छोटे बर्तन, सिक्के और टेराकोटा की मूर्तियां लोगों को मिली हैं।
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