दोआबा में बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि पर शिवालयों में हर-हर, बम-बम की गूंज रही। लोगों ने गंगा स्नान कर देवाधिदेव का जलाभिषेक किया। इसके अलावा तमाम लोगों ने अपने घरों में व्रतोपवास रखकर रुद्राभिषेक का अनुष्ठान कराया। शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ ही ठंडई व शर्बत का वितरण किया गया। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। यहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन सृष्टि का प्रारंभ हुआ था। इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था।
साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे उत्तम माना जाता है। बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि पर भक्तों ने शिवालयों में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, चने का होरा, बेर, धतूरा, भांग, आम का बौर, जौ की बाली आदि चढ़ाकर विधिवत पूजा-अर्चना की।
महाकालेश्वर मंदिर कड़ा, महेश बाबा मंदिर टेवां, नवग्रह व शिव मंदिर करारी, मनकामेश्वर मंदिर भरवारी, शिव मंदिर भैला मकदूमपुर आदि कस्बों व गांवों में पूरे दिन पूजा-पाठ व भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। पर्व पर शिवालयों को बिजली की झालरों व फूल मालाओं से सजाया गया।
आकर्षक झांकियां देख मंत्रमुग्ध हुए लोग
महाशिवरात्रि पर म्योहर बाजार में आकर्षक झांकियां निकाली गईं। शिव भक्त गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में घूमे। डीजे पर बज रहे भोलेबाबा के भजनों पर श्रद्धालु थिरकते रहे। इस मौके पर कांवड़िया संघ समिति की ओर से शिव बरात निकाली गई। जिसमें मां काली का अखाड़ा प्रमुख आकर्षण रहा। नंदी की झांकी, भगवान शिव का तांडव नृत्य, खाटू श्याम, ढोल, शिव आराधना, श्रीकृष्ण खाटू श्याम की मनमोहक ने लोगों का मन मोह लिया।
ब्रह्मचारी आश्रम में हजारों भक्तों ने किया जलाभिषेक
नेवादा विकास खंड के तिल्हापुर गांव स्थित सिद्धपीठ ब्रह्मचारी आश्रम शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन हजारों भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का दूध, गंगाजल आदि से जलाभिषेक किया। आश्रम परिसर में लगी भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने व मेले में सुरक्षा के लिए थानाध्यक्ष विजय विक्रम सिंह व चौकी प्रभारी तिल्हापुर नित्यानंद सिंह फोर्स के साथ मौजूद रहे।
देर शाम तक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। तिल्हापुर गांव स्थित ब्रह्मचारी आश्रम में महाशिवरात्रि के दिन सुबह से क्षेत्र के नेवादा, जरैनी, तिल्हापुरमोड़ ,इमलीगांव, सुरसेनी, बिगहरा, हासिमपुर किनार आदि गांवों से लोग भोलेनाथ का दूध व गंगाजल से अभिषेक करने आते रहे। फल फूल, भांग धतूरा, भस्म, अबीर गुलाल आदि से भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का शृंगार किया। कई भक्तों ने जलहरी भरकर व रुद्राभिषेक करके मनोवांछित फल की कामना की। इस दौरान आश्रम परिसर में आयोजित मेले में खरीदारी के लिए बच्चों की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने मीना बाजार में जमकर खरीदारी की।
बिजली की आकर्षक लाइट से जगमग रहे शिवालय
महाशिवरात्रि पर जिले के शिवालयों में बेलपत्र, धतूर, भांग, व फूल चढ़ाकर भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। शिवालयों को बिजली की आकर्षक झालरों व फूलों से सजाया गया। सरायअकिल थाना परिसर स्थित प्राचीन शिवमंदिर मनकामेश्वर धाम व महेशनगर स्थित शिवशक्तिधाम, तथा फकीराबाद के प्राचीन शिवमंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ लगने लगी। महिलाएं बड़े, बूढ़े, बच्चे, भक्तिरस में डूबे रहे। थाना परिसर स्थित प्राचीन शिवमंदिर मनकामेश्वर धाम में बृहस्पतिवार सुबह से कस्बे के लोगों ने ओम नम: शिवाय का अखंड जाप किया। शाम को समापन के दौरान भांग, ठंडई, हलुआ, दम आलू का प्रसाद वितरण किया गया।
चरवा मंदिर में कराया गया रुद्राभिषेक
महाशिवरात्रि पर भगवान राम के विश्राम स्थल चरवा स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में रुद्राभिषेक कराया गया है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। शाम को पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
Hara har, bom bom in Doaba on Mahashivratri- फोटो : KAUSHAMBI
Hara har, bom bom in Doaba on Mahashivratri- फोटो : KAUSHAMBI