मंगलवार दोपहर में बारिश से सर्दी लौट आई। सुबह से शाम तक बादलों की ओट में सूरज रहा। करीब 11 बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई और कुछ ही देर में तेज बारिश होने लगी। करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इस दौरान जनपद में कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। ओले गिरने के कारण कई फसलों में नुकसान का अंदेशा है।
दिन में बारिश और बदली के कारण सर्दी बढ़ गई। शाम करीब साढ़े तीन बजे हल्की धूप निकली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो से तीन दिनों तक बारिश की संभावना है।
ओले गिरने के कारण कई फसलों में नुकसान का अंदेशा है। इसे लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिक के मुताबिक चार मार्च तक मौसम इसी तरह रहने के आसार हैं।
चायल, नेवादा और सरायअकिल क्षेत्र में मंगलवार को तेज बारिश हुई। जबकि, मंझनपुर समेत अन्य कई इलाकों में बादल सिर्फ बूंदाबांदी करके निकल गए। चायल में ओलावृष्टि भी हुई। मंझनपुर के रहने वाले सनी त्रिवेदी ने बताया कि मौसम काफी हद तक बदल गया था।
चायल के किसान विकास सिंह, माता बदल, अजय सोनी आदि ने बताया कि गेहूं की फसल पर इस बारिश का कोई खास नुकसान नहीं होगा। जिस गेहूं की फसल में बाली आ रही होगी, उसे नुकसान हो सकता है। जबकि, सरसों, चना, आलू, अरहर, मटर की फसल के लिए यह बारिश और आलोवृष्टि हानिकारक है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. मनोज सिंह ने बताया कि इस बारिश के बाद तेज हवा में फसल गिरने का डर बना रहता है। फसल गिरने पर उसके दाने कमजोर हो जाते है। यह भी बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मौसम बिगड़ा। बुधवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं। फिलहाल चार मार्च तक बूंदाबांदी की संभावना है।
बिजली गिरने से मवेशी की मौत
क्षेत्र के पदुमनाथपुर सुरसेनी गांव में मंगलवार दोपहर बिजली से झुलसकर भैंस की मौत हो गई। गांव के वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि उसने अपने मवेशियों को बगीचे में बांध रखा था। बारिश के बीच अचानक बिजली उनकी एक भैंस के ऊपर गिर गई। इससे झुलसकर मवेशी की मौत हो गई। इसकी सूचना पशुपालन विभाग और हल्का लेखपाल को दे दी गई है।