रक्षाबंधन में परिवहन विभाग की बसों से सफर कर भाई के पास पहुंचने वाली बहनों को शनिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बसों में सीट पाने को लेकर महिलाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां तक कई किलोमीटर तक महिलाओं को भीड़ में खड़े रहकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा।
रक्षाबंधन पर्व भाइयों के घर पहुंचने के लिए बहनों ने प्रदेश सरकार की तीन दिन की फ्री यात्रा का लाभ उठाया। मंझनपुर बस डिपो में शनिवार को सुबह करीब 10 बजे प्रयागराज से एक रोडवेज बस आई। बस यात्रियों से खचाखच भरी थी। सीट न मिलने से ज्यादातर यात्री खड़े रहे। वहीं डिपो पर बस रुकते ही उसमें बैठने की होड़ मच गई। खिड़की से बैग और रूमाल आदि रखकर सीट सुरक्षित करने का प्रयास किया गया लेकिन इसमें कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। क्योंकि भीड़ के कारण जिसे जहां जगह मिली वहीं बैठ गया।
इसे लेकर कुछ यात्रियों में नोकझोंक भी हुई। दिनभर यह क्रम जारी रहा। राजापुर जा रहीं सपना ने बताया कि मुफ्त यात्रा तो ठीक है लेकिन बसों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। भीड़ के कारण बैठने के लिए सीट नहीं मिल रहा है।
गुरु प्रसाद ने बताया कि भीड़ के कारण खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। साथ ही मंझनपुर चौराहे पर भी बहने अपने भाइयों के पास जाने के लिए रोडवेज बसों का इंतजार करती रहीं जबकि, यहां पर बसें स्थानीय डिपो से ही चलती हैं। जानकारी के अभाव होने के कारण तमाम बहनों को बाद में फिर वापस डिपो जाना पड़ा। बसें चौराहे पर नहीं रुकती इसकी जानकारी महिलाओं को नहीं थी।
32 की जगह केवल 22 बसों का की आवागमन
स्थानीय डिपो से कानपुर, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, कर्वी, प्रयागराज, लखनऊ और लोकल में मूरतगंज, पश्चिमशरीरा, सरायअकिल, सैनी सहित कई जगहों के लिए 32 के बजाये केवल 22 बसों का की आवागमन हुआ। रक्षाबंधन के दिन सामान्य दिनों के मुकाबले 50 फीसदी सवारियां अधिक निकलीं।
ऑटो, ई-रिक्शा चालकों की रही चांदी
- मंझनपुर चौराहे पर रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों की काफी भीड़ रही। दूरदराज से आईं महिलाओं ने पांच से दस किलोमीटर की दूरी के लिए ऑटो या फिर ई-रिक्शा का सहारा लिया। इसके चलते ऑटो, ई-रिक्शा चालकों की चांदी रही। उन्हें सवारियों का इंतजार नहीं करना पड़ा।
त्योहार पर खचाखच रही बसें, यात्रियों को हुई परेशानी
कानपुर व प्रयागराज के बीच स्थित सैनी स्टेशन पर लीडर रोड, किदवई नगर, विकास नगर, आगरा, फजलगंज, फतेहपुर,मंझनपुर और जीरो रोड डिपो की 100 बसों का ठहराव होता है। शनिवार को सुबह से बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ रही। इस दौरान यहां पर जो भी बसें पहुंचती थी, वह खचाखच भरी होती थी।
ऐसे में बसों में चढ़ने के लिए मुसाफिरों को परेशान होना पड़ा। कई लोगों को एक से दो घंटे तक बैठकर इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा टैक्सी, ई-रिक्शा वाहनों में भी सवारियों की भीड़ रही। सैनी स्टेशन इंचार्ज फरोख अहमद ने बताया रक्षाबंधन को लेकर तीन दिन तक महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा का निर्देश दिया गया है जिसके चलते यात्रियों की भीड़ अधिक है। ऐसे में रोजाना सफर करने वाले व्यापारियों सहित अन्य जरूरतमंद लोगों को दिक्कत हो रही है। संवाद
म दिनों की अपेक्षा रक्षाबंधन पर यात्रियों की भीड़ अधिक रही। शुक्रवार की शाम साढ़े आठ बजे डिपो में अचानक चित्रकूट के लिए 40 से अधिक यात्री आ गए जिनमें ज्यादातर महिलाएं रहीं। उनके लिए रात में ही एक स्पेशल बस चलवाया गया।- गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज
मंझनपुर चौराहे पर रोडवेज बस के लिए भटकते यात्री। संवाद